शिक्षक नेता संजीव शर्मा के निलंबन का मामला एक बार पुनः विधान परिषद में गूंजा

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बदायूं। तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती द्वारा शिक्षक दिवस के दिन गत पांच सितंबर 2023 को द्वेष भावना से शिक्षक नेता संजीव शर्मा के निलंबन का मामला एक बार पुनः विधान परिषद में गूंजा। शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने गत दिवस विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान उनके निलंबन की कार्यवाही के औचित्य पर सवाल खड़े किए। उन्होंने संजीव शर्मा के गलत तथ्यों के आधार पर निलंबन पर बी0एस0ए0 स्वाति भारती पर कार्यवाही की मांग की गई। जिस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया। राज्य सरकार के जवाब से असंतुष्ट सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने तत्कालीन बी0एस0ए0 स्वाति भारती के खिलाफ कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने दो टूक कहां की कार्रवाई में किसी तरह का अगर-मगर नहीं चलेगा। पूरे देश में जो भी अधिकारी अपने अधिकारों का दुरुपयोग करेगा उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस पर संजीव शर्मा से वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि तत्कालीन बीएसए ने द्वेष भावना से मेरे ऊपर कारवाई की। उन्होंने गलत तथ्यों के आधार पर निलंबन किया तत्कालीन बीएसए कहना था कि कार्यालय परिसर में धरने की अनुमति नहीं ली जबकि जिलाधिकारी से अनुमति प्राप्त कर शिक्षा विभाग एवं प्रशासन को सूचना दी गई थी। तत्कालीन बीएसए ने कहा कि 3 दिन से मिड डे मिल नहीं बना था जबकि खाद्यान्न एवं कन्वर्जन कास्ट उपलब्ध न होने के कारण मिड डे मील 15 दिन से नहीं बन रहा था। कहा गया कि मैं किसी सूचना के अनुपस्थित था। जबकि मैं चिकित्सा अवकाश पर था। संजीव शर्मा का कहना है कि शिक्षक समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा कि जो अधिकारी शिक्षक को बहुत ही कमजोर समझ कर कार्रवाई कर देते है ऐसे अधिकारियों को संविधान के दायरे में रहकर कार्रवाई करने की सीख मिलेगी।

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