क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र लखनऊ द्वारा खाद्य प्रसंस्करण संबंधी उद्योगों को दिया जा रहा है बढ़ावा

Screenshot 2026-02-06 190004
WhatsAppImage2024-05-04at205835
previous arrow
next arrow

बदायूँ । रोजगार सृजन कृषि एवं उद्यानिकी संपदा के सदुपयोग व किसानों को उनकी उपज का अधिकाधिक मूल्य दिलाने तथा खाद्य सुरक्षा गुणवत्ता परीक्षण खाद्य निर्माण अनुसंधान एवं विश्व स्तरीय गुणवत्ता के निर्धारित मानकों को व्यवहार में लाने के उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अन्तर्गत क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र लखनऊ का संचालन किया जा रहा है। यहां पर अत्याधुनिक उपकरण स्थापित हैं, जिससे उत्पादों की न्यूट्रिशनल वैल्यू, पेस्टिसाइड रेजिड्यू, एमिनोएसिड्स, प्रोटीन, स्टेराइड्स, एन्टिबॉयटिक, ट्रान्सफैट, मेटल्स, माइक्रोन्युट्रिएन्ट्स, जैविक उत्पाद का सम्पूर्ण विश्लेषण, पौष्टिक आहार की जाँच आदि के कार्य राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार की जाती है तथा मानव संसाधन के क्षेत्र में विभिन्न रोजगार परक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जाते हैं।
केंद्र में अत्याधुनिक उपकरणों एवं उच्च शिक्षित, प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से न्यूट्रिशनल वैल्यू (पोषण मूल्य),पेस्टिसाइड रेजिड्यू (कीटनाशक अवशेष) अमीनो एसिड, प्रोटीन, स्टेरॉइड्स एंटीबायोटिक अवशेष, ट्रांस फैट धातुएं (मेटल्स) एवं माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैविक (ऑर्गेनिक) उत्पादों का विश्लेषण पौष्टिक आहार की गुणवत्ता जांच सभी परीक्षण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों (थ्ै।प्, ठप्ै, ।व्।ब् आदि) के अनुरूप किए जाते हैं। प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु आधुनिक उपकरण, उच्च शिक्षा प्राप्त सुयोग्य प्रशिक्षित, सरकारी, गैर सरकारी, निजी संयुक्त क्षेत्र तथा खाद्य व्यवसाय से जुड़े ख्याति प्राप्त संगठनों से जुड़े विषेशज्ञों के सहयोग से बिना लाभ-हानि के आधार पर स्वायतशाषी संगठन के रूप में कार्यरत है। किसान (उत्पादक), उपभोक्ता, उद्यमियों एवं भावी उद्यमियों के साथ-साथ आयातकों-निर्यातकों एवं विभिन्न राजकीय संस्थाएं इस केन्द्र के माध्यम से अपने खाद्य पदार्थों के नमूनों की निर्धारित राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मानकों के अनुसार परीक्षण का लाभ उठा सकते हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य कृषकों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उन्हें सस्ती दरों पर परीक्षण/विश्लेषण की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना,सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों का परीक्षण/विश्लेषण राष्ट्रीय/अर्न्तराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप करना, खाद्य प्रसंस्करण संबन्धी उद्योगों को बढ़ावा देना और मानव संसाधन के क्षेत्र में विभिन्न रोजगार परक कार्यक्रमों का संचालन कर प्रदेश में रोजगार को बढ़ावा देना है और किसानों के उत्पाद के प्रसंस्करण के माध्यम से उन्हे उचित मूल्य दिलाना है।
कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के समुचित उपयोग, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाने तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2001 में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र, लखनऊ की स्थापना उद्यान भवन कैंपस में की गई। यह केंद्र एक स्वायत्तशासी संस्था है, जिस पर पूर्ण स्वामित्व उत्तर प्रदेश सरकार का है। त्थ्त्।ब् की गवर्निंग काउंसिल में 28 सदस्य हैं, जिनमें न्च् सरकार, भारत सरकार, डथ्च्प् के अधिकारी, टेक्नोक्रेट, एसोसिएशन, फूड प्रोसेसर एसोसिएशन, बड़े, छोटे कुटीर उद्योग और जाने-माने रिसर्च और ट्रेनिंग संस्थानों के एक्सपर्ट शामिल हैं। किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाने,खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने,खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को तकनीकी सहयोग देने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराने,रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से मानव संसाधन विकास करने,जीवन की मूलभूत आवश्यकता ष्भोजनष् के लिए क्वालिटी कॉन्शसनेस का एक उदाहरण स्थापित करने तथा विश्वसनीय टेस्टिंग और एनालिसिस सेवाएं प्रदान करके सभी के लिए स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस केन्द्र की स्थापना की गयी।यह केंद्र बिना लाभ-हानि (छव च्तवपिज छव स्वे) के सिद्धांत पर कार्य करता है। यहाँ-सरकारी, गैर-सरकारी, निजी एवं संयुक्त क्षेत्रों के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाता है किसान, उपभोक्ता, उद्यमी, आयातक-निर्यातक एवं विभिन्न राजकीय संस्थाएं परीक्षण सुविधा प्राप्त करती हैं सस्ती दरों पर परीक्षण सुविधा देकर किसानों की आय वृद्धि में सहयोग किया जाता है
किसानो की उपज की गुणवत्ता प्रमाणित होने से बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त खाद्य प्रसंस्करण हेतु तकनीकी मार्गदर्शन जैविक उत्पादों की प्रमाणिकता से निर्यात के अवसर व परीक्षण सुविधा सुलभ दरों पर उपलब्ध होने से किसानो को लाभ मिलता है।नए उद्यमियों को तकनीकी सलाह, उत्पाद गुणवत्ता परीक्षण एवं मानकीकरण प्रसंस्करण तकनीकों का प्रशिक्षण पैकेजिंग एवं गुणवत्ता मानकों की जानकारी देकर खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को सहयोग दिया जा रहा है।
यहां पर रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। मानव संसाधन विकास के अंतर्गत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं- खाद्य परीक्षण तकनीक खाद्य प्रसंस्करण तकनीक गुणवत्ता नियंत्रण एवं मानक स्वरोजगार उन्मुख प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश राज्य कौशल विकास मिशन, थ्ै।प्, भारत सरकार, ज्ञटप्ब्, थ्प्ब्ैप् नई दिल्ली, छप्।ड जयपुर, त्ंपसूंल, न्च्ैत्स्ड, साथ सरकारी ट्रेनिंग पार्टनर (ळवअमतदउमदज ज्तंपदपदह च्ंतजदमत) के तौर पर पैनल में शामिल हैं, इन प्रशिक्षणों से प्रदेश में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। त्थ्त्।ब् एक ऑटोनॉमस बॉडी के तौर पर बिना किसी मुनाफे या नुकसान के आधार पर काम करता है। केन्द्र द्वारा हजारों नमूनों का राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण, किसानों एवं उद्यमियों को तकनीकी सहयोग, खाद्य सुरक्षा जागरूकता में वृद्धि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना में मार्गदर्शन किया गया है। क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र, लखनऊ प्रदेश में खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास एवं रोजगार सृजन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह केंद्र उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों को व्यवहार में लाने का सशक्त माध्यम है।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at1242061
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2025-06-11at40003PM
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow
Home
Live TV
VIDEO NEWS
Verified by MonsterInsights