बजट में मैट टैक्स को समाप्त करके 14% टैक्स होने से कम्पनियों पर कर भार बढेगा
बरेली। सैन्ट्रल यू पी चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इन्डस्ट्री वैलफेयर एसोसिएशन द्वारा केंद्रीय बजट पर परिचर्चा की गई जिसमें मुख्य वक्ता सीए रविन्द्र अग्रवाल ने कहा कि इस बजट में मैट टैक्स को समाप्त करके उसके स्थान पर 14% की दर से टैक्स देना होगा, जिससे कम्पनियों पर करभार बढेगा। होटल मैनोर में बजट परिचर्चा में सी ए रविन्द्र अग्रवाल ने बताया कि टीडीएस व टीसीएस की दरें कम की गई हैं।

साथ ही टीडीएस को कम दर से काटने का सार्टिफिकेट लेने के लिए संबघित आयकर अधिकारी के पास जाने की अब आवश्यकता नही होगी। उन्होने यह भी बताया कि इस बजट में फ्यूचर एवं ऑप्शन ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्राॅजैक्शन टैक्स बढा दिया गया है, इससे शेयर कारोबार में सट्टेबाजी पर अंकुश लगेगा। आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि में भी बदलाव किया गया है। पैेनल्टी व प्रॉसिक्यूशन के प्रावधानों में भी बदलाव किए गए हैं जिससे ईज आफ डूइंग बिजनेस में मदद मिलेगी। मुख्य वक्ता सीए कपिल वैश्य ने कहा कि जीएसटी परिषद के पुराने प्रावधानो एवं इस बजट द्वारा व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं व्यापार-अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे उद्योग, व्यापारियों और एमएसएमई सेक्टर को राहत मिलेगी। उन्होने कहा कि इससे जीएसटी अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। रिटर्न फाइलिंग सिस्टम को सरल करने, तकनीकी प्रक्रियाओं में सुधार और ऑटोमेशन बढ़ाने से व्यापारियों को अनावश्यक जटिलताओं से छुटकारा मिलेगा। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी। विशेष रूप से छोटे व्यापारियों और एमएसएमई इकाइयों के लिए जीएसटी से जुड़ी परेशानियों को कम करने पर ध्यान दिया गया है। आसान रजिस्ट्रेशन, त्वरित रिफंड प्रक्रिया और विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत करने से व्यापारिक माहौल अधिक अनुकूल बनेगा। बजट में इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित प्रक्रियाओं को और स्पष्ट व पारदर्शी बनाने के संकेत दिए गए हैं। उन्होने कहा कि डिजिटल निगरानी और डेटा आधारित जीएसटी सिस्टम से कर चोरी पर नियंत्रण होगा, वहीं ईमानदार करदाताओं को सुविधा मिलेगी। विशेष अतिथि भारतीय स्टेट बैंक के मंजीत सिंह ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम देश की अर्थव्यवस्था की रीढ बतााते हुए कहा कि इस बजट में एसएमई क्षेत्र को कई रियायतें दी गई है। जिनसे तीव्र गति से औद्योगिक विकास होने के साथ साथ रोजगार सृजन भी होगा। सभा में सदस्यों द्वारा पूछे गये बजट से सम्बन्धित प्रश्नों के उत्तर सभी वक्ताओं ने वखूबी दिये। चेंबर के अध्यक्ष राजीव शिंघल ने सभी उपस्थिति अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत करते हुए इस केंद्रीय बजट को औद्योगिक जगत के लिए अत्यन्त लाभकारी व दूरगामी बजट बताया। उन्होने कहा कि इस बजट को उद्योग और व्यापार के लिए विकासोन्मुखी कदम बताते हुए कहा कि यह बजट व्यापार जगत के लिए संतुलित, प्रगतिशील एवं विकास को गति देने वाला बजट है। उन्होने कहा कि इस बजट में एमएसएमई स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात और व्यापारिक सुगमता पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए ऋण सुविधा को और सशक्त किया गया है।
चेंबर सचिव अल्पित अग्रवाल ने कहा कि इस बजट के बाद ऑटोमोबाइल उद्योग में सकारात्मक संकेत देखने को मिलेगें। सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा और हरित ऊर्जा पर दिए गए जोर से ऑटो सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस बजट में सड़कों, हाईवे और लॉजिस्टिक्स पर बड़े निवेश की घोषणा से यात्री वाहनों, वाणिज्यिक वाहनों और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की मांग बढ़ने की संभावना है। इससे ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ-साथ ऑटो कंपोनेंट उद्योग को भी लाभ मिलेगा।इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए बैटरी निर्माण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय उत्पादन पर जोर दिया गया है, जिससे ईवी सेगमेंट में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम के अन्त में सचिव अल्पित अग्रवाल ने सभी सदस्यो व अतिथियों कोे धन्यवाद दिया एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सीए श्री अखिल रस्तोगी ने किया।
कार्यक्रम में पीयूष कुमार अग्रवाल, अजय शुक्ला, अभिनव अग्रवाल, वी एस अग्रवाल, डॉ केशव कुमार अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, आईआईए अध्यक्ष मयूर धीरवानी, आलोक गुप्ता, रवि अग्रवाल, आशु अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, शरद अग्रवाल, अनंत वीर सिंह, डॉ अतुल अग्रवाल, के बी अग्रवाल, राज गोयल, सी ए सुधीर गुप्ता, सौरभ अग्रवाल, सुनीत मूना, नरेश मालिक, तेजेन्द्र सिंह, दीपांशु एवं राजेश गुप्ता आदि ने भाग लिया। निर्भय सक्सेना













































































