बदायूँ।हड़ताल के 41वें दिन भी मालवीय आवास में धरना जारी रहा। धरने में आशा कर्मियों में भारी आक्रोश किंतु अपने संघर्ष के प्रति उत्साह देखने को मिला।धरने को संबोधित करते हुए जौली वैश्य ने कहा कि मेहनतकशों के संघर्षों की गाथाओं से ही इतिहास बना है। आने वाली 9 फरवरी का राजधानी कूच इतिहास के पन्ने में दर्ज किया जाएगा कि एक बेरहम और मेहनतकश विरोधी सरकार के दमन के खिलाफ राजधानी को महिला कामगारों ने अपने उपस्थिति से पाट दिया था। उन्होंने कहा हमारा रास्ता गांधी ,भगत सिंह और अम्बेडकर का बताया हुआ सतमार्ग है, और हम अपने लिए इन्हीं महापुरुषों के दर्शन से मार्ग तलाशते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यद्यपि कि यह निजाम इन तीनों को खारिज कर इतिहास के कूड़ेदान में पड़े लोगों को परीक्षापुंज बनाने की कोशिश में है। उन्होंने अंत में कहा कि 30 जनवरी बापू का शहादत दिवस है और उस दिन हमें अपने जिले में अपनी आवाज बुलंद कर उनके अहिंसा और असहयोग आंदोलन की महान सीख को आगे बढ़ाते हुए अपनी लड़ाई को एक चरण और आगे ले जाना है तथा 9 फरवरी को जिले से बड़ी भागेदारी करते हुए जीत कर लौटने के संकल्प के को पूरा करने की तैयारी में जुटना है। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि सरकार तोड़ने का सपना देख रही है, हम सब को उसके इस दुस्वप्न को ध्वस्त करना है। आशा फूलमती,सोनिया,रेशमा,रोशनी,विद्यावती,निशा यादव, कमला, आरती, शोभा, मुन्नी यादव, पुष्पा यादव, ज़मीरुल आदि धरने में उपस्थित रही।