प्रौद्योगिकी राष्ट्रोन्नति का आधार स्तंभ : प्रो. सिंह
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में रसायन विज्ञान विभाग द्वारा “उभरते भारत में रसायन प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण द्वारा शुरू हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रेम किशन खन्ना महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राजकुमार सिंह ने कहा कि आज भारत तीव्र गति से विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि किसी भी देश की विकास में सर्वाधिक योगदान उन्नत प्रौद्योगिकी और उत्कृष्ट वैज्ञानिक शोध है। आज भारत इकोनॉमी के मामले में विश्व में चौथे स्थान पर है और बहुत ही जल्दी से तीसरा स्थान ले लेगा। सेमिनार को संबोधित करते हुए एस एस कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर राकेश कुमार आजाद ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में रसायन प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण आधारस्तंभ है, जो कृषि, स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, और विनिर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों को तकनीकी आत्मनिर्भरता और स्थिरता प्रदान करती है। यह क्षेत्र 80,000 से अधिक उत्पादों के साथ अर्थव्यवस्था में विविधता लाता है और लगभग 220 बिलियन डॉलर के बाजार मूल्य के साथ वैश्विक स्तर पर 11वें स्थान पर है।
कार्यक्रम संयोजक रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि इस सेमिनार में कुल 22 विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त किए जिसमें आस्था मिश्रा, सुजाता चौहान और कृतिका राजपूत को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने हेतु पुरस्कृत किया गया। डॉ चन्दन गिरि गोस्वामी के संचालन में हुए कार्यक्रम प्रोफेसर एस के यादव, प्रोफेसर आदित्य सिंह, प्रोफेसर शालीन कुमार सिंह, डॉ प्रमोद यादव, डॉ रमेश चंद्रा ने निर्णायक की भूमिका निभायी। इस सेमिनार में डॉ शिशिर शुक्ला, डॉ दीपक सिंह डॉ मंजीत कुमार सहित लगभग दो सौ छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ संदीप कुमार दीक्षित द्वारा किया गया।













































































