बरेली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर एफ.आर. इस्लामिया इंटर कॉलेज, बरेली में कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य तौकीर सिद्दीकी ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत सरकार 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाती है। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक में हुआ था और वे सच्चे देशभक्त व महान स्वतंत्रता सेनानी थे। देश की आजादी के लिए उन्होंने जापान के सहयोग से आजाद हिंद फौज का गठन किया और ‘जय हिंद’, ‘दिल्ली चलो’ तथा ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ जैसे प्रेरक नारे दिए। प्रवक्ता डॉ. मेहंदी हसन ने कहा कि सिविल सर्विसेज जैसी सर्वोच्च परीक्षा पास करने के बावजूद नेताजी ने गुलामी की नौकरी ठुकराकर स्वतंत्रता संग्राम का मार्ग चुना। उनके जीवन से अनुशासन, निडरता और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर प्रवक्ता नदीम उज जफर, बृजेश कुमार शर्मा, आकिल यार खान, अनवर अली रिजवी, नदीम यार खान व जाकिर अकबर सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।