बरेली। अखिल भारतीय सुभाषवादी वैचारिक मंच द्वारा आजाद हिंद फौज के संस्थापक और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाई गई साथ ही संगठन के संस्थापक और सुभाषवादी स्व. षष्ठी वल्लभ भट्ट जी को याद किया गया।इस अवसर पर बड़ा बाग हनुमान मंदिर गांधीपुरम में संस्था के कार्यालय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर संगठन के जिलाध्यक्ष सौरभ जैन, महामंत्री मोहन भट्ट और संरक्षक एस.के.जैन द्वारा किया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ और ‘जय हिंद’ के नारों के साथ नेताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष सौरभ जैन ने अपने संबोधन में कहा, “नेताजी का अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है। उनके विचार हमें आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में निरंतर प्रेरित करते हैं।”संगठन के महामंत्री मोहन भट्ट ने नेताजी के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आजादी की आवाज बुलंद की। उन्होंने युवाओं से नेताजी के ‘अनुशासन और राष्ट्रवाद’ के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। संगठन के संरक्षक एस.के.जैन ने सभी को वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का पालन की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी समेत स्थानीय नागरिक सोनू प्रजापति, अमिताभ कुमार, मोहित गुप्ता, किरन चौहान, प्रदीप कुमार, शिखर भट्ट, आशीष मिश्रा, संजीव गंगवार,पुनीत गौतम, सुगंध कटियार आदि उपस्थित रहे।