संगम कला समूह बरेली चैप्टर द्वारा भव्य गायन प्रतियोगिता का आयोजन
बरेली। संगम कला समूह, बरेली चैप्टर द्वारा माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल के सहयोग से एक भव्य गायन प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी गायन प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

यह प्रतियोगिता कुल चार वर्गों में आयोजित की गई—
किड्स ग्रुप (5–12 वर्ष), टीनएजर्स ग्रुप (13–19 वर्ष), यंगस्टर्स ग्रुप (20–35 वर्ष) तथा एडल्ट्स ग्रुप (36–55 वर्ष)।

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष डॉ सौरभ कुमार अग्रवाल के निर्देशन में निर्णायक मंडल के स्वागत के साथ हुआ। निर्णायक मंडल के सदस्य थे ओमपाल जी,वरिष्ठ संगीतज्ञ व शिक्षक, के डी एम कॉलेज, प्रशांत पांडे, वाइस प्रेसिडेंट, संगम कला ग्रुप, बरेली चेप्टर, राहुल यदुवंशी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, संगम कला ग्रुप, बरेली चेप्टर, डॉ अवनीश यादव, सचिव, संगम कला ग्रुप, बरेली चेप्टर । इनके साथ संगम कला ग्रुप, बरेली चेप्टर के कार्यक्रम व मीडिया संयोजक, स्वयं वर्मा भी उपस्थित थे ।
सभी अतिथियों के स्वागत के उपरांत माँ सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम को विधिवत प्रारंभ किया गया।
इस अवसर पर डॉ. मेघा अग्रवाल (लेखिका) एवं सुश्री खुशबू रस्तोगी कार्यक्रम की अतिथि सम्मान रहीं। सभी निर्णायक मंडल के सदस्यों , विशिष्ट अतिथियों को डॉ. प्रियंका सरकार, प्राचार्या—माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि विजेताओं को ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे—
किड्स ग्रुप:
प्रथम स्थान – विदुषी श्रीवास्तव
द्वितीय स्थान – आराध्या शर्मा
तृतीय स्थान – श्रीकंठ शुक्ला
टीनएजर्स ग्रुप:
प्रथम स्थान – विवान सक्सेना
द्वितीय स्थान – अर्णव कन्नोजिया
तृतीय स्थान – स्वस्ति श्रीवास्तव
यंगस्टर्स ग्रुप:
प्रथम स्थान – अर्पित रस्तोगी
द्वितीय स्थान – चंद्रेश
तृतीय स्थान – ज्योत्सना पुथिया
एडल्ट्स ग्रुप:
प्रथम स्थान – किरन बिष्ट
द्वितीय स्थान – स्वदेश बाबू
तृतीय स्थान – अवनीश पाण्डे
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन ने न केवल उभरती गायन प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया, बल्कि संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक संध्या भी सिद्ध हुई।













































































