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Uttar Pradesh

मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य का रथ रोका, संगम क्षेत्र में तनाव

January 18, 2026By admin0 comments
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प्रयागराज। मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम स्नान के लिए जा रहे ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम जाने से रोक दिया। रथ और जुलूस को रास्ते में रोके जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान शंकराचार्य के समर्थक साधु-संतों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी व तानाशाही का आरोप लगाया। घटना के चलते संगम क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होते ही भारी संख्या में पुलिस बल और अधिकारी संगम तट पर पहुंच गए।

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पुलिस ने शंकराचार्य को रथ से नीचे उतरने नहीं दिया और जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति न होने की बात कही। पुलिस की ओर से पांच लोगों के साथ स्नान करने का प्रस्ताव दिया गया, जिस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जताई और प्रशासनिक रवैये को मनमाना बताया। देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और मेलाधिकारी ऋषिराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

पुलिस से झड़प के बाद शंकराचार्य के 20 से अधिक समर्थक साधुओं को हिरासत में ले लिया गया। वहीं शंकराचार्य समर्थकों के साथ संगम से पहले ही बैठ गए। इस बीच पांटून पुल संख्या चार के पास समर्थकों ने हंगामा किया, जिससे बैरिकेडिंग भी टूट गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई और शंकराचार्य को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया गया।

शंकराचार्य के समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ती रही और नारेबाजी होती रही। अधिकारी मुख्यमंत्री से बातचीत कर दिशा-निर्देश लेने की कोशिश में जुटे रहे। शंकराचार्य ने संगम स्नान से इन्कार करते हुए कहा कि उनके साथ आए साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य मान-अपमान से ऊपर होते हैं।

इसके बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती माघ मेले के त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर में धरने पर बैठ गए। उनके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया कि शंकराचार्य ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुलिस प्रशासन ससम्मान प्रोटोकॉल के साथ उन्हें संगम नहीं ले जाएगा, तब तक वह गंगा स्नान नहीं करेंगे।

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