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नोएडा हादसे में रेस्क्यू में देरी, 80 मिनट तक मदद की गुहार लगाता रहा युवक, मौत

January 18, 2026By admin0 comments
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नोएडा के सेक्टर-150 में एटीएस ली ग्रैंडियोस के समीप टी-प्वाइंट पर शुक्रवार देर रात हुए दर्दनाक हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी देरी सामने आई है। गुरुग्राम से घर लौट रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की ग्रैंड विटारा कार कोहरे के कारण अनियंत्रित होकर नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट के गड्ढे में जा गिरी। करीब 30 फुट गहरे गड्ढे में कार पलटने के बाद तैरने लगी।

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हादसे के बाद युवराज किसी तरह कार के ऊपर खड़े होकर टॉर्च जलाते हुए मदद की गुहार लगाता रहा। उसने फोन कर पिता राजकुमार मेहता को हादसे की जानकारी दी। पिता मौके पर पहुंचे और लगातार पुलिस, दमकल और अन्य एजेंसियों से बेटे को बचाने की मिन्नत करते रहे। आरोप है कि सूचना के बाद भी पुलिस और दमकल कर्मियों को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट का समय लग गया।

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस और दमकल कर्मियों ने कोहरे, ठंडे पानी और गड्ढे में बने निर्माणाधीन कॉलम से टकराने के खतरे का हवाला देकर पानी में उतरने से इन्कार कर दिया। दमकल विभाग की ओर से छोटी और बड़ी क्रेन लगाकर युवक को निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

करीब 80 मिनट तक कार पर खड़े होकर जीवन की आस लगाए युवराज रात करीब 1:45 बजे कार समेत पानी में डूब गए। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जरूरी संसाधन न होने के कारण तत्काल रेस्क्यू नहीं हो सका। बाद में गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ टीम ने स्टीमर की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और टॉर्च की रोशनी में युवक को बाहर निकाला गया। बेहोशी की हालत में उसे कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पिता राजकुमार मेहता, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू में देरी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पिता ने नॉलेज पार्क कोतवाली में तहरीर देकर घटना स्थल पर बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड न होने को हादसे का बड़ा कारण बताया है। उनका आरोप है कि पहले भी इस स्थान पर हादसे हो चुके हैं, बावजूद इसके नोएडा प्राधिकरण ने कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए।

पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार और घना कोहरा प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शनिवार को युवराज का उनके गांव में नम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया।

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