ब्राह्मण सम्मेलन में समाज के ऐतिहासिक योगदान पर हुआ मंथन
बदायूं।अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (भारत) जनपद बदायूं के तत्वावधान में इस्लामनगर स्थित बी.आर. रिसॉर्ट में भव्य ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि माधव मिश्र ने भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर मंत्रोच्चारण के साथ किया। सम्मेलन की अध्यक्षता महेंद्र मोहन बशिष्ठ (मालिक एवं प्रबंधक, एच.एस. डिग्री एवं लॉ कॉलेज, इस्लामनगर) ने की, जबकि संचालन हितेंद्र शंखधार ने किया। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा क्षेत्रीय समिति बरेली मंडल एवं बरेली प्रभारी हरिओम पाराशरी उपस्थित रहे।विशिष्ट अतिथियों में के.के. उपाध्याय, पूर्व चेयरमैन अरविंद शर्मा, अमित पांडे, पूर्व प्रधान रामवीर शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे। मुख्य अतिथि कवि माधव मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि गरीब ब्राह्मण को विप्र कहा जाता है, जबकि विप्र वेदपाठी ब्राह्मण होता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्म को जानने वाला ही ब्राह्मण है। उन्होंने दधीचि, भगवान परशुराम, चाणक्य, समर्थ गुरु रामदास, मंगल पांडे, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद सहित अनेक महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज ने सदैव राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा की है। कवि माधव मिश्र ने कहा कि ब्राह्मणों ने वेद, उपनिषद, पुराण, रामायण और महाभारत जैसी अमूल्य धरोहरों को कंठस्थ कर विदेशी आक्रांताओं से सुरक्षित रखा। उन्होंने बताया कि ब्राह्मण महासभा ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की 33 वर्षों तक लड़ाई लड़ी, जो 2019 में लागू हुई। साथ ही 7 जून 2016 को गरीबों के इलाज का प्रस्ताव दिया गया, जो आगे चलकर आयुष्मान भारत योजना के रूप में लागू हुआ। सम्मेलन में बदायूं जनपद से बड़ी संख्या में संभ्रांत ब्राह्मणों ने भाग लेकर समाज की एकता और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (भारत) के ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि माधव मिश्र ने हरिओम पाराशरी को महासभा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया। इस घोषणा के बाद सम्मेलन में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि कवि माधव मिश्र एवं नव मनोनीत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरिओम पाराशरी को आयोजकों द्वारा फूल मालाएं पहनाकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने इसे ब्राह्मण समाज की एकता और संगठन को मजबूती देने वाला कदम बताया।सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और संगठन को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया।














































































