बरेली। थाना सिरौली क्षेत्र के नसरतगंज निवासी मलखान सिंह ने अपने पुत्र कृष्णपाल को एनडीपीएस एक्ट में झूठा फंसाए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी और डीएम से स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 29 नवंबर की रात करीब 1 बजे पुलिस ने उनके बेटे कृष्णपाल को घर से उठाया और एसआई विवेक चौधरी ने पिपरियों मोड़ के पास से एक किलो 100 ग्राम अफीम बरामद दिखाते हुए उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। परिजनों का कहना है कि कृष्णपाल पढ़ाई कर रहा है और उसके परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। समाचार पत्र में पिता-पुत्र के नाम प्रकाशित हुए है, जिसमें पिता को छोड़ देना अपने-आप में संदेह पैदा करता है। परिजनों ने दावा किया कि यदि युवक तस्कर होता, तो उसकी जेब में सिर्फ 190 रुपये होना भी संदेहास्पद है। ग्रामीणों ने भी कृष्णपाल को बेगुनाह बताते हुए पूरे प्रकरण में गहरी साजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि परिवार की 40 बीघा जमीन को लेकर भी रंजिश हो सकती है। आवेदन में मोबाइल सर्विलांस सहित पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। परिजनों ने रंजिश रखने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की है।