जॉर्जिया में एमबीबीएस छात्र की हादसे में मौत, 7 दिन बाद गांव पहुंचा शव , गमगीन माहौल में सुपर्द-ए-खाक

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बरेली। देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव रहपुरा गनीमत में उस समय कोहराम मच गया जब जॉर्जिया में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे मोहम्मद सफवान का शव शनिवार शाम करीब 4 बजे गांव पहुंचा।

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7 दिन पहले 22 नवंबर को हुए दर्दनाक हादसे में सफवान की मौत हो गई थी। शव के भारत लौटने के बाद पूरा गांव गहरे शोक में डूब गया। नम आंखों और भारी दिलों के साथ हजारों लोगों ने सफवान को अंतिम विदाई दी और उन्हें गमगीन माहौल में सुपर्द-ए-खाक किया गया। मोहम्मद सफवान, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ यूरोप (जॉर्जिया) में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र थे। 22 नवंबर की सुबह वह अपने दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी के बाहर एक पहाड़ी इलाके में घूमने गए थे, जहां अचानक पैर फिसलने से वह गहरी खाई में गिर गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।सफवान ने 2021 में यूक्रेन से अपनी मेडिकल पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण उन्हें जॉर्जिया शिफ्ट होना पड़ा। वे जल्द ही भारत लौटने की योजना बना रहे थे और डॉक्टर बनने का सपना अपने परिवार की उम्मीदों के साथ पूरा करना चाहते थे।परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़सफवान रहपुरा गनीमत के एक साधारण परिवार से थे। उनके पिता इरफान अहमद , जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं, बेटे की मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने कहा हमने उसे डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। वह हमारा सहारा था… अब वह नहीं रहा, यह हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। परिवार में चार भाई-बहन हैं। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, सफवान तीसरे नंबर पर थे और घर का मुख्य सहारा माने जाते थे। सबसे छोटा भाई मुआज भी जॉर्जिया में पढ़ाई कर रहा था और कुछ दिन पहले ही भारत लौटा था। भाई की मौत की खबर ने उसे भीतर तक झकझोर दिया है। हादसे के बाद परिवार ने भारत सरकार से जल्द से जल्द शव लाकर अंतिम संस्कार करने की अपील की थी। बरेली के छात्र असद अंसारी व अन्य छात्रों ने भी सोशल मीडिया और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सरकार से मदद की मांग उठाई थी। लगातार प्रयासों के बाद 7 दिन में शव भारत लाया जा सका। आंसुओं के सैलाब में अंतिम विदाई शनिवार शाम जब एंबुलेंस गांव पहुंची तो मातम का माहौल छा गया। परिवार के रोने-बिलखने की आवाज़ें सुनकर पूरा गांव उमड़ पड़ा। नम आंखों के साथ हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सफवान को गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया, जहां हर कोई बस यही कह रहा था ।एक होनहार बेटा, एक उज्ज्वल भविष्य और एक परिवार की उम्मीदें समय से पहले बुझ गईं।

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