राष्ट्रीय बालगंधर्व सांस्कृतिक कला महोत्सव में प्रतिभाशाली कलाकारों का शानदार प्रदर्शन
बरेली । भारतीय परंपरागत कलाओं और लोक संस्कृति की जगमगाती विरासत को समर्पित राष्ट्रीय बालगंधर्व कला महोत्सव का भव्य आयोजन बरेली स्थित आधुनिक तकनीक से सज्ज, सबसे शानदार प्रभावे ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम का सफल संचालन बालगंधर्व कला अकादमी परिवार द्वारा किया गया। समारोह में वैगमाइन एंटरप्राइजेस के सम्मानित डायरेक्टर्स, शहर की जानी-मानी हस्तियों तथा विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। प्रदेश के विभिन्न गाँव-कस्बों, इलाकों से आए विद्यार्थियों, कलाकारों, सांस्कृतिक प्रेमियों और वरिष्ठ गुरुओं ने अपनी उपस्थिति से इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। विशेष उपस्थिति अतिथिगण एवं विद्यालयों की सहभागिता: इस वर्ष के समारोह की एक बड़ी विशेषता रही कि बरेली के श्रेष्ठ विद्यालयों SR International School, Sacred Hearts School, Hartmann School, Madhavrao Scindia School, St. Francis School के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही बरेली के अन्य प्रमुख स्कूलों के बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कुल मिलाकर बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, दिल्ली, लखनऊ सहित कई अन्य शहरों से आए लगभग सैकडो प्रतिभागियों ने इस महोत्सव में हिस्सा लिया और विविध कलाओं में अपनी अद्भुत प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई: कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई बालगंधर्व कला अकादमी परिवार के सम्माननीय प्रबंध संचालक श्री किशोर कुमार जी ने, जो भारतीय पारंपरिक कला एवं लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। बालगंधर्व कला अकादमी परिवार, एक राष्ट्रीय सम्मानित सांस्कृतिक संस्था: वर्षों से यह अकादमी भारतीय कला-संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ बनी हुई है। भारतीय परंपरागत व लोक कलाओं को पुनर्जीवित करने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने में इसके योगदान को देखते हुए इसे विभिन्न राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। विज़न: भारत की शाश्वत सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों में जगाकर एक उत्साही, जागृत और कलात्मक समाज का निर्माण करना। मिशन:भारतीय पारंपरिक एवं लोक कलाओं का संरक्षण और संवर्धन, नृत्य, संगीत, अभिनय और काव्य के क्षेत्र में संरचित शिक्षण, युवाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना, सृजनशीलता और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए संस्कृति की मूल भावना को बनाए रखना, कलाकारों का एक मजबूत और रचनात्मक समुदाय तैयार करना। अकादमी में नृत्य, संगीत, मॉडलिंग, कविता, नाटक और लोक कलाओं की विधिवत शिक्षा प्रदान की जाती है। राष्ट्रीय बालगंधर्व कला महोत्सव की प्रमुख झलकियाँ:
नृत्य प्रतियोगिताएँ: कथक, भरतनाट्यम, लावणी, बिहू और समकालीन नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायन प्रतियोगिताएँ: लोकगीतों और आधुनिक संगीत तक हर प्रस्तुति में सुर, ताल और भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। मॉडलिंग प्रतियोगिताएँ: युवा मॉडलों ने पारंपरिक, एथनिक और फ्यूजन थीम्स पर आत्मविश्वास से भरी कैटवॉक ने दर्शकों का दिल जीत लिया। जिसमें प्रसिद्घ INSD इंटरनैशनल स्कुल ऑफ डिजाइन के विद्यार्थियों तथा मॉडेल्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। कविता प्रतियोगिताएँ: उभरते कवियों ने अपनी कल्पनाओं, भावनाओं और सामाजिक संदेशों को प्रभावशाली काव्य-पाठ के माध्यम से प्रस्तुत किया। किशोर कुमार का प्रेरणादायक संबोधन: अपने उत्साहवर्धक भाषण में उन्होंने कहा कला केवल प्रस्तुति नहीं, आत्मा की पहचान और हमारी संस्कृति की धरोहर है। आप सभी युवा कलाकार भारत की कला-परंपरा के वाहक हैं। इसे संजोएं, निखारें और दुनिया तक पहुँचाएँ। उन्होंने सभी अतिथियों, निर्णायकों, अभिभावकों और प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले विशिष्ट अतिथियों में विभोर गोयल, परेश कुमार अग्रवाल, पंकज गोयल (निदेशक, वैगमाइन सिटिमॉल्स प्रा. लि.), संदीप जवाहर, शिवानी बेदी व जी. एस. बेदी (निदेशक, INSD बरेली), डॉ. सौरभ कुमार अग्रवाल (संस्थापक एवं प्रबंधक, माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल), राधा सिंह (चेयरपर्सन, सेक्रेड हार्ट्स पब्लिक स्कूल), मॉडलिंग जूरी मिस जूही गुप्ता (मिस बरेली इन्फ्लुएंसर एवं मिस सेंट्रल यूपी), शुभी गुप्ता (टाइम्स ऑफ़ इंडिया अवॉर्ड विनर एवं मेटा वेरिफ़ाइड इन्फ्लुएंसर), रुचि गुप्ता (राष्ट्रीय साहित्यिक सम्मान प्राप्त), डांस जूरी आयुष अग्रवाल, ईशा सूरी, डॉ. मेघा अग्रवाल तथा सुपरस्टार सिंगर सीज़न 3 के फ़ाइनलिस्ट क्षितिज सक्सेना शामिल रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने राष्ट्रीय स्तर के इस सांस्कृतिक महोत्सव को और भी भव्य एवं अविस्मरणीय बना दिया। प्रभावे ऑडिटोरियम और वैगमाइन एंटरप्राइजेस का उत्कृष्ट तकनीकी सहयोग: कार्यक्रम में प्रभावे ऑडिटोरियम की तकनीकी सुसज्जता, ध्वनि-प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक मंच तकनीक, आरामदायक सीटिंग और सौंदर्यपूर्ण सजावट की सभी ने सराहना की। वैगमाइन एंटरप्राइजेस के निदेशकों और स्टाफ को उनकी मेहनत, सहयोग और शानदार प्रबंधन के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। प्रतिभा, परंपरा और सृजनशीलता का उत्सव: यह महोत्सव भारतीय संस्कृति के गौरव को पुनः स्थापित करता है और उभरती प्रतिभाओं को नई ऊर्जा प्रदान करता है। बालगंधर्व कला अकादमी परिवार जैसे संस्थानों के कारण भारत की सांस्कृतिक विरासत आज भी उतनी ही जीवंत है। “जब कला बरेली में खिल उठी” एक शानदार सांस्कृतिक अनुभव: भारत की सांस्कृतिक धड़कनों को एक जगह महसूस करना हो, तो राष्ट्रीय बालगंधर्व कला महोत्सव जैसा आयोजन हर कलाकार के लिए एक सपना है। इस वर्ष बरेली का प्रभावे ऑडिटोरियम उस सपने को हकीकत में बदलते हुए रोशनी, संगीत और तालियों से गूंज उठा। नृत्य ने मंच को रंगों और भावों से भर दिया, गायन ने वातावरण को सुरों से महका दिया, मॉडलिंग ने युवा आत्मविश्वास को नई पहचान दी, कविता ने विचारों और भावनाओं को आवाज़ दी, यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं थी, यह भारत की आत्मा का उत्सव था। अंत में… कला ने जीत लिया सबका दिल, महोत्सव का समापन पुरस्कारों, तालियों, मुस्कुराहटों और नए सपनों के साथ हुआ। एक शहर, एक मंच और हजारों सपनों के मिलन ने बरेली को सिर्फ एक जगह नहीं, कला का जीवंत उत्सव बना दिया |













































































