अधिवक्ताओं पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, थाना कोतवाली पुलिस पर पक्षपात का आरोप
बरेली। अधिवक्ताओं पर हुए हमले के मामले ने बरेली में तूल पकड़ लिया है। बरेली बार एसोसिएशन ने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए डीआईजी को ज्ञापन सौंपा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार हरित के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे के बावजूद थाना कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष सिंह को थाने से ही छोड़ दिया, जबकि अन्य दो आरोपियों अक्षय और अमन का हल्की धाराओं में चालान कर दिया गया। ज्ञापन के अनुसार 18 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे प्रगति नगर निवासी आशीष, अक्षय और अमन ने अधिवक्ताओं की सीट के पास तेज रफ्तार वाहन खड़ा कर गाली-गलौज शुरू कर दी। अधिवक्ता बाबूराम दिनकर और शकील हुसैन ने जब रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्द कहे और प्रशासनिक भवन में घुसकर लोहे की रॉड से वार कर दोनों अधिवक्ताओं को गंभीर घायल कर दिया। पीड़ित अधिवक्ताओं ने आरोपियों को पकड़कर सचिव कक्ष में बैठाया और पुलिस के सुपुर्द किया। मेडिकल के बाद थाना कोतवाली में एससी-एसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। लेकिन अधिवक्ताओं का कहना है कि अगले दिन जानकारी मिली कि पुलिस ने मुख्य आरोपी को छोड़ दिया और शेष दो आरोपियों के खिलाफ भी हल्की धाराओं में चालान कर दिया। बार एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया है कि उल्टा अधिवक्ताओं पर ही एक मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया, जबकि सीओ प्रथम ने आश्वासन दिया था कि ऐसा नहीं होगा। अमन और अक्षय का रिमांड नगर मजिस्ट्रेट द्वारा निरस्त किए जाने पर अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। साथ ही आरोपियों पर लगातार जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन के दौरान अध्यक्ष मनोज कुमार हरित एडवोकेट , दीपक पांडेय एडवोकेट , शेर सिंह गंगवार, अनुपम अग्रवाल , ललित कुमार दीपक पांडेय, साहिद खान आदि मौजूद थे। दूसरा पक्ष वकीलों ने की मां बेटे के साथ मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप
बरेली। कचहरी परिसर में एक महिला के साथ मारपीट और छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। करगेना निवासी मनोरमा सिंह पुत्री मुनेंद्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर वकीलों पर कार्रवाई की मांग की है।मनोरमा सिंह का आरोप है कि 18 नवंबर दोपहर करीब 1:30 बजे वह मुकदमे की तारीख पर कचहरी गई थीं। इसी दौरान उनके बेटे अक्षय पाल सिंह की मोटरसाइकिल वहां मौजूद एक व्यक्ति से हल्की टकरा गई। आरोप है कि इसी बात को लेकर एडवोकेट शकील हुसैन, नसीम सैफी, अजय मौर्या, बाबूराम, धर्मेंद्र तोमर, सद्दाम हुसैन तथा उनके कई अज्ञात साथी उनके पुत्र को घेरकर मारपीट करने लगे। शिकायत के अनुसार जब मनोरमा सिंह बेटे को बचाने पहुंचीं तो आरोपित वकीलों ने उनके साथ भी मारपीट की। महिला ने आरोप लगाया कि वकीलों ने गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की, उनके साथ अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ की और मां-बहन की गालियां दीं। घटना के दौरान शोर सुनकर मौके पर भीड़ इक्ट्ठी हो गई, जिसके बाद मनोरमा सिंह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकल सकीं। महिला ने शिकायती पत्र में भविष्य में भी अपनी और परिवार की जान को खतरा बताया है तथा आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।













































































