गन्ना भुगतान, खाद वितरण में अव्यवस्था, सिंचाई परियोजनाओं को लेकर किसानों का प्रदर्शन

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बरेली। किसान एकता संघ ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, खाद वितरण में अव्यवस्था, सिंचाई परियोजनाओं की धीमी प्रगति और किसानों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर चिंता जताते हुए किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉक्टर रवि नागर, संगठन के राष्ट्रीय सचिव यज्ञ प्रकाश गंगवार, प्रदेश अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश शेरअली जाफरी और युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय पर सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। किसानों के नेता डॉक्टर रवि नगर ने कहा कि बरेली की चीनी मिलें आज भी किसानों का पिछले वर्ष का गन्ना भुगतान नहीं कर पाई हैं, जिससे किसान अपनी दैनिक जरूरतें तक पूरी नहीं कर पा रहे। वहीं रबी की फसल की बुवाई भी प्रभावित हो रही है।
बरेली मंडल में खाद संकट भी गहराता जा रहा है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने से बुवाई प्रभावित हो रही है। संगठन ने कहा कि खाद की उपलब्धता न होने से न सिर्फ किसानों की आय घटेगी बल्कि इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। सिंचाई को लेकर किसान नेताओं ने कहा कि बरेली – बदायूं सिंचाई परियोजना दोनों जिलों के किसानों के लिए बहुउपयोगी योजना है, जिससे किसानों को मुफ्त सिंचाई का लाभ मिलेगा और आय में वृद्धि होगी। लेकिन परियोजना की गति अत्यंत धीमी है और इसे तत्काल शुरू किया जाना जरूरी है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी संगठन ने गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि बरेली में प्रस्तावित 300 बेड के सरकारी अस्पताल के लिए किसान एकता संघ पिछले छह महीने से आंदोलनरत है। सरकार की ओर से बरेली को मेडिकल हब बनाने की घोषणा तो की गई थी, लेकिन अब शिथिलता दिखाई दे रही है, जिससे गरीब मजदूरों और किसानों के सस्ते इलाज की उम्मीद कमजोर पड़ने लगी है।
किसान नेताओं ने कहा कि टोल प्लाजा से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले किसानों को निशुल्क आवागमन की सुविधा मिलनी चाहिए, क्योंकि किसान सिर्फ अपनी खेती और जरूरी कामों के लिए ही सड़क का सीमित उपयोग करते हैं।
उन्होंने यह भी मांग की कि निजी नलकूपों पर लगाए गए बिजली मीटर हटाए जाएं। उत्तर प्रदेश में कृषि सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त है, फिर भी मीटर लगाए जाने से किसानों में आशंका है कि भविष्य में उनसे बिल वसूला जा सकता है।
कहा कि बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा किसानों की भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की भूमि विकास कार्यों के लिए ली जाती है, तो मुआवजे के साथ-साथ उनके बेरोजगार बच्चों को रोजगार देने की व्यवस्था होनी चाहिए। यदि भूमि स्कूल या अस्पताल के लिए अधिग्रहीत की गई है, तो किसानों के बच्चों को शिक्षा और चिकित्सा में विशेष लाभ दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान दीपक पाण्डेय, डॉ कुलदीप गोस्वामी, आस मोहम्मद, इस्लाम खान , संजय जौहरी, प्रमोद कुमार , गिरीश गोस्वामी, हरि शंकर शर्मा , कैप्टन ओम प्रकाश सिंह , ख़ेतल सिंह , जंगी सिंह, जहीर अहमद सहित सैकड़ों की कार्यकर्ता मौजूद थे।

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