भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर महिला वर्ल्ड कप फाइनल में बनाई जगह, जेमिमा की 127 रन की पारी से इतिहास रचा
मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में गुरुवार का दिन भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया। भारत ने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को वर्ल्ड कप 2025 के दूसरे सेमीफाइनल में पांच विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न सिर्फ वर्ल्ड कप का फाइनल टिकट हासिल किया, बल्कि कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। यह जीत भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास, जज्बे और नए युग की पहचान बन गई। सिर्फ 17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाली जेमिमा रॉड्रिग्स ने गुरुवार को अपनी सबसे यादगार पारी खेली। टीम में कभी ‘बेबी’ के नाम से जानी जाने वाली जेमिमा ने नाबाद 127 रन बनाकर भारत को 339 रनों के विशाल लक्ष्य तक पहुंचाया। यह पारी न केवल उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी साबित हुई बल्कि महिला क्रिकेट इतिहास में भी यादगार बन गई। जेमिमा वर्ल्ड कप नॉकआउट में शतक लगाने वाली केवल दूसरी बल्लेबाज बनीं। इससे पहले इंग्लैंड की नैट स्किवर-ब्रंट ने 2022 के फाइनल में 148 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम, जो 2017 से किसी वर्ल्ड कप मैच में नहीं हारी थी, भारत के सामने घुटने टेक गई। उनका 15 मैचों का अजेय रिकॉर्ड टूट गया। दिलचस्प बात यह है कि पिछली बार 2017 में भी भारत ने ही सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। यह दूसरी बार है जब भारत ने वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया। भारत ने इस मुकाबले में इतिहास रच दिया। वर्ल्ड कप में पहली बार टीम इंडिया ने 200 से ज्यादा रनों का सफलतापूर्वक पीछा किया। 339 रन का पीछा करना महिला वनडे वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा सफल चेज बन गया। इससे पहले ऐसा कारनामा 2017 में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 219 रन के लक्ष्य का पीछा कर किया था। भारत का यह स्कोर 341/5 महिला वनडे इतिहास में रन चेज करते हुए दूसरा सबसे बड़ा स्कोर रहा। इस मैच ने कई रिकॉर्ड बनाए। भारत और ऑस्ट्रेलिया का यह मुकाबला महिला वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा एग्रीगेट मैच रहा। दोनों टीमों ने मिलकर 679 रन बनाए। इससे पहले इस साल दिल्ली में दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबले में 781 रन बने थे। भारत की जीत में कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा की 167 रन की साझेदारी ने अहम भूमिका निभाई। जब टीम मुश्किल में थी और स्कोर 59/2 था, तब दोनों ने मिलकर मैच का पासा पलट दिया। यह साझेदारी भारत के महिला वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक रही। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए फीबी लिचफील्ड के 119 और एलिस पेरी के 77 रनों की बदौलत 338 रन बनाए। लेकिन भारतीय गेंदबाजों श्री चरणी और दीप्ति शर्मा ने बीच के ओवरों में सटीक गेंदबाजी कर ऑस्ट्रेलिया को 350 के पार जाने से रोक दिया। भारत अब तीसरी बार महिला वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले 2005 और 2017 में टीम उपविजेता रही थी। इस बार भारतीय टीम का लक्ष्य साफ है—ट्रॉफी घर लाना। भारत की इस ऐतिहासिक जीत के साथ तय हो गया है कि वर्ल्ड कप 2025 को एक नया चैंपियन मिलेगा। फाइनल में भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा और पूरा देश इस सुनहरे पल का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।













































































