बदायूं। जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर सीनियर सिटीजन ने इस व्यवस्था को लेकर खुलकर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल दोगुना हो गया है और विभाग बिना सुनवाई के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त चार्ज का बोझ डाल रहा है। वरिष्ठ नागरिकों का आरोप है कि विभाग और ठेकेदारों के गठजोड़ से स्मार्ट मीटर योजना भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। उपभोक्ताओं के मुताबिक, विभाग ने पहले सहयोग की अपील की थी, लेकिन अब स्थिति यह है कि लोगों को महंगे बिलों से जूझना पड़ रहा है। बुजुर्गों का कहना है कि उम्र का बोझ अलग, और अब बिजली बिलों का झटका अलग से सहना पड़ रहा है। कई ने तो यहां तक कहा कि स्मार्ट मीटर से बढ़ते बिल हार्ट अटैक जैसे झटके दे रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों ने चेतावनी दी है कि बिजली विभाग की इस नीति से सरकार की छवि को नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि जनता को महंगे बिलों से त्राहि-त्राहि कराने की नीति अंततः सरकार विरोधी माहौल बना सकती है। उपभोक्ताओं ने साफ कहा है कि विभाग स्मार्ट मीटरों को हटाए और बिजली बिलों में राहत दे। यदि समय रहते कोई समाधान नहीं निकला, तो उपभोक्ता लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। वरिष्ठ नागरिकों प्रमोद कुमार शर्मा, राम प्रकाश राठौर, रामपाल सिंह, बनारसी दास गुप्ता, भुवनेश, सतेंद्र शाक्य, अंशुल गुप्ता, भारत सिंह, राम निवास वर्मा, श्रीकृष्ण, अशोक व आदेश आदि ने संयुक्त रूप से इस मुद्दे पर आवाज़ उठाई है।