उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम योजनान्तर्गत कम पूँजी में उद्यम स्थापना व रोजगार सृजन में अग्रणी

बदायूँ । प्रदेश की अर्थ व्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ-साथ अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने हेतु सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास, हस्तशिल्पियों के विकास तथा निर्यात प्रोत्साहन हेतु राज्य सरकार सतत् प्रयत्नशील है। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम कम पूँजी में स्थापित एवं व्यापक स्तर पर रोजगार सृजित करते हैं और पर्यावरण की दृष्टि से भी अधिक अनुकूल होते हैं। इन उद्यमों से प्रदेश का समावेशी एवं बहुआयामी विकास होता है। प्रदेश के औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के महत्व को ध्यान में रखते हुए इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने एवं इस क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार सृजित किये जाने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 28.09.2022 को नवीन एमएसएमई नीति-2022 घोषित की गयी है। नई नीति में रोजगार सृजन में 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि प्रस्तावित है। उद्योग स्थापना के लिए भूमि क्रय किये जाने पर पूर्वान्चल एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र तथा सम्पूर्ण प्रदेश की महिलाओं के लिए 100 प्रतिशत तथा शेष क्षेत्र में 75 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी में छूट प्रदान की जा रही है। निवेश मित्र के माध्यम से उद्यमियों को उद्यम स्थापना के क्रम में वांछित अनापत्ति/लाइसेन्स/ अनुमति आदि को प्राप्त करने की पूर्णतया आनलाइन व्यवस्था की गयी है जिससे उद्यमी समयबद्ध रुप से स्वीकृतियां आदि प्राप्त कर रहे है। तत्क्रम में विभाग की रोजगार परक योजना यथा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा एक जनपद एक उत्पाद, वित्त पोषण योजना को निवेश मित्र पोर्टल से लिंक करा दिया गया है जिससे आवेदन कर्ताओं को आवेदन करने में और अधिक सुविधा प्राप्त हो गयी है। उक्त के साथ ही पोर्टल के माध्यम से योजनाओं का अनुश्रवण भी अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा अधिकाधिक उद्यमों की स्थापना हेतु प्रोत्साहनात्मक वातावरण का सृजन किया गया है। एम.एस.एम.ई. अधिनियम 2020 के माध्यम से इकाईयों को 1000 दिनों तक किसी भी विभाग के निरीक्षण से छूट प्रदान की गयी है। इसी प्रकार प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर लगभग 3859170 उद्यम पंजीकृत हुये तथा प्रदेश में 96 लाख से अधिक एम.एस.एम.ई. ईकाइयां संचालित है, जिनमें 02 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। प्रदेश सरकार द्वारा उद्यमियों के विलम्बित भुगतान की समस्या के त्वरित निराकरण हेतु राज्य स्तर पर गठित फैसिलिटेशन काउंसिल की व्यवस्था को मण्डल स्तर पर विकेन्द्रीकृत किया गया है. जिससे उद्यमियों की समस्या का निराकरण शीघ्र हो सके। सूक्ष्म उद्यमियों की आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में इनके परिवार संकट में आ जाते हैं। इस हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यमी दुर्घटना बीमा योजना (नई योजना) लागू की है। सूक्ष्म उद्यमियों के दुर्घटना ग्रस्त होने पर इन इकाईयों को अधिकतम रू० 5.00 लाख तक की सीमा तक वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने की व्यवस्था है। विभागीय रोजगारपरक योजनाएं यथा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद, वित्त पोषण एवं एक जनपद-एक उत्पाद टूलकिट योजनान्तर्गत आवेदन ऑनलाइन वेबसाइट-ीजजचरू//कपनचउेउम.नचेकब.हवअ.पद/ अथया ीजजचरू//उेउम.नच.हवअण्पद पर किया जाता है। अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार प्रदान कराने व उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृद्ध करने हेतु इन वर्गों की प्रशिक्षण योजनायें भी संचालित है। एक जनपद एक उत्पाद योजनान्तर्गत ओ०डी०ओ०पी० उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री हेतु निगम का ई-कॉमर्स पोर्टल ूूण्वकवचउंतजण्बवउ फरवरी, 2020 में लांच किया गया। ओ०डी०ओ०पी मार्ट स्थानीय कारीगरों द्वारा हस्तशिल्प, हथकरघा, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और अन्य पारंपरिक उत्पादों के स्वदेशी उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन करता है। पोर्टल पर 1000 से अधिक ओ०डी०ओ०पी० हस्तशिल्पियों (वेण्डरों) का पंजीयन किया गया है। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम कलस्टर विकास योजना के अन्तर्गत तीन सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) स्थापित किये जा चुके है एवं 02 स्थापनाधीन है। प्रदेश के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें स्वावलंबी बनाने हेतु को ऑनलाइन रोजगार संगम रोजगार मेलों का कार्यक्रम किया गया है। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 09 जनपदों में सामान्य सुविधा केंद्र का ऑनलाइन शिलान्यास हुआ तथा ई-सेवा पोर्टल का भी शुभारम्भ किया गया। उत्तर प्रदेश दिवस 2025 के अवसर पर 24 जनवरी, 2025 को प्रदेश के 40 हस्तशिल्पियों को पुरस्कृत किया गया तथा उ0प्र0 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य पुरस्कार योजना के 32 उद्यमियों को भी पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के ई-पोर्टल की लॉन्चिंग एवं 25,000 युवा उद्यमियों को उद्यम की स्थापना हेतु ऋण/स्वीकृत पत्र वितरण किया गया। इस अवसर पर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना एवं ओडीओपी कार्यक्रम के अन्तर्गत टूलकिट का भी वितरण किया गया। दिनांक 13 मार्च, 2024 को लोक भवन, लखनऊ में एमएसएमई क्षेत्र हेतु रू0 30,826 करोड़ के मेगा ऋण वितरण समारोह में मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा ओडीओपी एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनान्तर्गत लाभार्थियों को टूलकिट का वितरण किया गया। दिनांक 27.06.2025 को अन्तर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर लोकभवन के ऑडिटोरियम में मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा सी0एम0 युवा मोबाइल ऐप का शुभारम्भ, यूथ अड्डा का लोकापूर्ण एवं बरेली व मुरादाबाद में रू0 18 करोड़ की ओडीओपी सीएफसी परियोजनाओं का उदघाटन किया गया। देश के निर्यात में प्रदेश की भागीदारी को दोगुना करके प्रदेश के आर्थिक विकास के पथ को प्रशस्त करने के उद्देश्य से ष्एक्सपो मार्ट, लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा की स्थापना भी की गई है। विश्य प्रसिद्ध भदोही के कलात्मक ऊनी कालीनों एवं ऊनी दरियों के उत्पादन एवं निर्यात की अभिवृद्धि हेतु भदोही में ष्भदोही कार्पेट बाजार (एक्सपों मार्ट)ष् की स्थापना की गयी है।
औद्योगिक विकास में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्रो की महत्वपूर्ण भूमिका के दृष्टिगत आधुनिक रूप में विकसित कर उन्हें कारपोरेट लुक दिये जाने हेतु प्रतिवर्ष पाँच-पाँच जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्रों का उच्चीकरण एवं आधुनिकीकरण की योजना लागू की गयी है। उत्तर प्रदेश द्वारा भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला का सफलतापूर्वक आयोजन नई दिल्ली में कराया गया जिसमें विभाग को गोल्डन एवं फोकस राज्य पुरस्कार प्राप्त हुआ है। भारत सरकार द्वारा शासकीय क्रय हेतु पारदर्शी एवं गुणवत्ता परख व्यवस्था के अर्न्तगत सामान्य क्रय व्यवस्था लागू की गयी है जिसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी अंगीकृत किया गया है उ०प्र० में जेम सेल लखनऊ में स्थापित किया गया। उत्तर प्रदेश को सरकारी विभागों में देश में सबसे अधिक जैम पोर्टल पर क्रय किये जाने पर भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के आयोजन में निवेश को आकर्षित करने हेतु एम.एस.एम.ई. क्षेत्र में भी हजारों एमओयू हस्ताक्षरित कराये गये जिनमें करोड़ों रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। इन प्रस्तावों को धरातल पर लाने हेतु लगातार समीक्षा एवं अनुश्रवण करते हुए उद्यम स्थापित कराये जा रहे है। जिसमें प्रदेश के युवाओं के लिए अधिकाधिक रोजगार का सृजन हो रहा है।