बरेली। साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय बरेली में”राष्ट्रीय सेवा योजना”, “कल्चरल क्लब” एवं “रंग प्रशिक्षु “संस्था बरेली के संयुक्त तत्वाधान में पिता पुत्री के संबंधों पर आधारित एक भावनात्मक नाटक का मंचन किया गया। नाटक का शीर्षक था “भागी हुई लड़की का पिता”। रंग प्रशिक्षु संस्था के रंगकर्मी अमित एवं रंगकर्मी गरिमा गंगवार द्वारा यह भाव विभोर करने वाला नाटक प्रस्तुत किया गया। भागी हुई लड़कियों का पिता एक नाटक ही नहीं बल्कि एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विषय भी है जिसका अर्थ है एक ऐसी लड़की के पिता की स्थिति जो अपने परिवार से भाग जाती है यह एक ऐसी दर्दनाक हकीकत को दर्शाता है जिसमे पिता को समाज द्वारा अपमानित और टूटा हुआ महसूस किया जाता है, यह विषय पुरुष प्रधान समाज में महिला की स्थिति, प्रेम और शादी के फैसले और पिता के दुख, अपमान, लाचारी और भावनात्मक दर्द को उजागर करता है। इस नाटक के मंचन का उद्देश्य यह रहा कि, हमारी छात्राएं अपने जीवन के किसी भी समस्या में अपने राष्ट्र अपने परिवार अपने माता-पिता एवं समाज को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय करने योग्य बन सके। आज के इस कार्यक्रम में लगभग 120 छात्राएं उपस्थित रही । कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी एवं कल्चरल क्लब समिति की सदस्या डॉक्टर प्रीति सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर रुचि गुप्ता द्वारा किया गया। आज का संपूर्ण कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर अनुपमा मेहरोत्रा के निर्देशन में संपन्न किया गया।