बदायूं।।आज गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा के अंतर्गत “हेल्थी लिटरेशी इन पोस्ट पैनडेमिक वर्ल्ड” विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. सरला चक्रवर्ती की अध्यक्षता में माँ सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पित करके की गई । प्रो. सरला चक्रवर्ती ने ज्ञान की कमी के कारण समाज में व्यापक रूप से फैले भ्रम के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य साक्षरता महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें वास्तविक जानकारी को समझने की क्षमता देती है। कोविड-19 महामारी के दौरान हमने महसूस किया कि रोकथाम इलाज से बेहतर है क्योंकि अगर हम अपने आस-पास को साफ और संक्रमण मुक्त रखेंगे तो हम ऐसी महामारी से पीड़ित नहीं होंगे जो इतनी घातक हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि हमें केवल डब्ल्यूएचओ, स्वास्थ्य मंत्रालय और अस्पतालों जैसे आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए। इसी क्रम में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति वर्मा ने मानसिक कल्याण और भावनात्मक स्वास्थ्य के मुद्दे को संबोधित किया और कार्यक्रम अधिकारी अवनीशा वर्मा ने हमारे समाज के साक्षरता राजदूत के रूप में समाज में स्वास्थ्य साक्षरता फैलाने में स्वयंसेविकाओं की भूमिका के बारे में बात की। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति वर्मा के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त किया गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी अवनीशा वर्मा ने सफलतापूर्वक किया।