बदायूँ में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य समापन, विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब

बदायूँ। श्रीनाथजी की असीम अनुकंपा से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का मंगलवार को कृष्णा लॉन, आर.के. रिजॉर्ट में भव्य समापन हुआ। यह महोत्सव 12 अगस्त से 18 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें प्रसिद्ध कथा वाचक पं. रोहणी शरण महाराज (ग्राम सिंग्रामऊ) ने भक्तों को श्रीमद्भागवत महापुराण की दिव्य कथा का श्रवण कराया। कथा के अंतिम दिन 18 अगस्त को संगीतमय संध्या का आयोजन हुआ और 19 अगस्त को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मंगलवार को भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन सम्मिलित हुए। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और भक्ति-रस में सराबोर हो गए। भंडारे के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। देर रात तक श्रद्धालु पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण करते रहे। आयोजकों की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएँ की गई थीं। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण भक्ति से सराबोर वातावरण ने सभी का मन मोह लिया। मुख्य यजमान सेवा का दायित्व वरिष्ठ समाजसेवी हरप्रसाद सिंह पटेल व उनकी धर्मपत्नी सावित्री पटेल ने निभाया। विशेष यजमान मुकेश रस्तोगी व उनकी पत्नी मीता रस्तोगी रही। विशेष सहयोग में यादवेंद्र पटेल,गजेंद्र पटेल,तिथेन्दर पटेल,शिवम पटेल,रजत पटेल,अचेय रस्तोगी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा की महिमा और महत्व पर प्रकाश डालते हुए पं. श्री रोहणी शरण जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि यह जीवन के मूल्यों और संस्कारों को आत्मसात करने का श्रेष्ठ मार्ग है। आयोजक संस्था श्री सद्गुरु चैरिटेबल ट्रस्ट एवं शैला फाउंडेशन ट्रस्ट ने इस कथा का आयोजन कर शहरवासियों को दिव्य आध्यात्मिक वातावरण में सहभागी बनाया। कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएँ, युवा व बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कथा समिति के संयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त सेवाव्रती और स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित होकर भक्ति-रस का लाभ उठाते रहे। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं और धर्म व संस्कृति की जड़ों को और मजबूत बनाते हैं। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।