बदायूं।।संस्कार भारती द्वारा ज़िला कार्यालय शक्ति टैन्ट हाउस पर एक काव्य गोष्ठी संदर्भित विषय ’’एक शाम राष्ट्र के नाम’’ आयोजित हुई। प्रतिभागी कविओं ने राष्ट्रीय भावना व पारस्परिक सौहार्द को नवचेतना प्रदान करते हुए अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। युवा कवि कुमार आशीष ने मुक्तक प्रस्तुत कियाः- देश के दुश्मनों के दमन के लिए राष्ट्र की चेतना प्रज्जवलन के लिए आपसी बैर को भूलकर दोस्तों एक हो जाओ अपने वतन के लिए आयोजक समाजसेवी अशोक खुराना ने पढ़ाः- दिया हमें जिस देश ने, तन भोजन धन मान उसके प्रति कर्तव्य का, रखना होगा ध्यान कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ0 राम बहादुर व्यथित ने कहाः- सिर होवे कलम, कोई चिन्ता नहीं शीश झुक न सके, वो कहानी लिखो भारत शर्मा राज ने पढ़ाः- सौ सौ रंग पहन लो तन पे सारे फैशन खत्म कफन पे उसकी नेकी ऐसे तोलो पहुंचे कितने लोग दफन में डॉ0 कमला माहेश्वरी ने सरस्वती वंदना के उपरान्त पढ़ा किः- करती नमन मैं राष्ट्र ध्वज अमल को साथियो भगवा हरित चक्रसित, धवल को साथियो कार्यक्रम का संचालन विनोद सक्सेना ’’बिन्नी’’ ने किया। वरिष्ठ कवि महेश मित्र, डॉ0 गीतम सिंह, डॉ0 अरविन्द धवल, पवन शंखधार, ललतेश कुमार के साथ मदन मोहन लाल, महावीर शर्मा, नरेश शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।