शाहजहांपुर।एस.एस. कॉलेज के वाणिज्य विभाग द्वारा बी.कॉम. फाइनेंस द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों के लिए अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसका विषय था आधुनिक वित्तीय प्रयासों में नैतिक लेखांकन की आवश्यकता और प्रभाव। मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. के. के. वर्मा ने बोलते हुए कहा कि नैतिक लेखांकन सामान्य लेखांकन का गुणात्मक पक्ष है। वर्तमान में अनेक कंपनियों के खातों में छल कपट की सूचनाएं प्राप्त होती हैं इसलिए लेखांकन में नैतिकता पर बल दिया जा रहा है। नैतिक लेखांकन के अंतर्गत लेखांकन कार्य में लगे व्यक्तियों से अपेक्षा की जाती है कि वह पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ काम करेंगे। नैतिक लेखांकन के अंतर्गत ना तो नियमों और मानकों से कोई छेड़-छाड़ की जाती है और ना ही कोई तथ्य छुपाने का प्रयास किया जाता है। नैतिक लेखांकन यह आश्वासन देता है कि खातों में दी गई जानकारियां सत्य, उचित तथा विश्वसनीय है। डॉ. वर्मा के व्याख्यान का शुभारंभ स्वामी शुकदेवानंद सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ। डॉ. रूपक श्रीवास्तव के संचालन में हुए कार्यक्रम के अंत में डॉ. वर्मा को स्मृति चिन्ह और एक पुस्तक भेंट की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के अतिरिक्त बृजलाली, पोथीराम सिंह, अखंड प्रताप सिंह आदि शिक्षक भी उपस्थित थे।