बरेली। जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ जी की मोक्षस्थली गुजरात के जूनागढ़ जिले में गिरनार पर्वत की पांचवी टोंक पर निर्वाण लाडू चढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के अनुमति न देने पर जैन समाज बिफर गया और उनका आक्रोश दिन भर सोशल मीडिया पर पहले नंबर पर ट्रेंड किया। राष्ट्रीय स्तर पर बनी टीम का हिस्सा रहे बरेली जैन समाज के मीडिया प्रभारी सौरभ जैन ने बताया कि भगवान नेमिनाथ जी की मोक्ष स्थली पर कुछ सालों से अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिसका केस हाईकोर्ट में समाज जीत भी चुका है, पर राज्य सरकार द्वारा जैन समाज को उसका अधिकार अभी तक नहीं सौंपा गया है। जैन ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस जैन ने कहा कि कोर्ट के आदेश में गिरनार की पांचवी टोंक पर समाज को पूजन करने की अनुमति दी गई थी पर आज तक शासन प्रशासन इस पर अमल नहीं करा पाया है। टीम के सदस्य अभिषेक जैन ने बताया कि दिल्ली से एक तीर्थयात्रियों की पदयात्रा विभिनय राज्यों से होती हुई, 2000 किलोमीटर का रास्ता तय करती हुई 101 दिन में कल गिरनार की तलहटी में पहुंची थी, जिसका नेतृत्व विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने किया था, फिर भी शासन प्रशासन का दिल नहीं पसीजा। शाम को ऑनलाइन जूम मीटिंग का भी आयोजन किया गया जिसमें टीम के सदस्यों के अलावा देश व विदेश से लोगों ने हिस्सा लिया। जूम मीटिंग का संचालन बरेली से सौरभ जैन ने किया वह आज सोशल मीडिया पर प्रथम स्थान पर गिरनार जी का मुद्दा ट्रेंड करने में सहयोग के लिए ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस जैन लोहाड़े जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।