मुंबई नगर निगम चुनाव से पहले शिवसेना (यूबीटी)–मनसे गठबंधन की चर्चा तेज, संजय राउत बोले- अंतिम फैसला ठाकरे बंधु ही लेंगे
मुंबई। मुंबई में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच गठबंधन हो सकता है। इसी विषय पर रविवार को शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय केवल ठाकरे बंधु – उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे – ही लेंगे। राउत ने कहा कि “मनसे के कुछ नेता जो गठबंधन का विरोध कर रहे हैं, वे राजनीति में हाल ही में आए हैं। उन्हें अभी बोलने का कोई अधिकार नहीं है।” उन्होंने यह बात सीधे-सीधे मनसे नेता संदीप देशपांडे की आलोचनात्मक टिप्पणी के जवाब में कही। राउत ने आगे कहा कि वे वर्षों से ठाकरे भाइयों को जानते हैं और उन्हें अच्छी तरह अंदाजा है कि कौन-सी दिशा में बात आगे बढ़ेगी।
राज ठाकरे और सीएम फडणवीस की मुलाकात से सियासी हलचल
हाल ही में राज ठाकरे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुंबई के एक होटल में मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दिया है कि क्या मनसे दोबारा भाजपा के साथ जा सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इस बैठक के पीछे नगर निगम चुनाव को लेकर रणनीतिक विचार-विमर्श भी हो सकता है।
ठाकरे भाइयों के संबंधों में नई शुरुआत के संकेत
2024 के लोकसभा चुनावों में राज ठाकरे ने भाजपा और महायुति का समर्थन किया था, जबकि पहले वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीव्र आलोचक माने जाते थे। अब जब एक बार फिर शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के बीच मेल-मिलाप की संभावनाएं बढ़ रही हैं, तो दोनों ही नेताओं ने मराठी मानुष के हित में एकजुट होने के संकेत दिए हैं। राज ठाकरे ने कहा है कि “मराठी मानुष के हित में एक होना मुश्किल नहीं है।” दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि यदि गठबंधन में महाराष्ट्र विरोधी ताकतों को शामिल नहीं किया जाता है, तो वे पुरानी बातों को भुलाकर साथ आने को तैयार हैं।













































































