मोदी सरकार 11साल का कार्यकाल विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धी का स्वर्णिम काल

बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के 11 साल पूर्ण होने के उपलक्ष में बताया गया कि भारतीय जनता पार्टी का यह कार्यकाल विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धी का स्वर्णिम काल है। दुनिया में आपरेशन सिंदूर का डंका बज रहा है। बीते 11 वर्षो की यह यात्रा मोदी जी ने अकेले नहीं बल्कि खुद को तपा कर 140 करोड देशवासियों के पराक्रम त्याग और सपनो को परवाज देते हुए तय की है। होटल उबेराय आनंद में बीजेपी बरेली के सांसद छत्रपाल गंगवार ने मीडिया को बताया कि केंद्र सरकार के 11 साल में जो कार्य किया है वह ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा देश के इतिहास में मोदी सरकार का यह कार्यकाल स्वण्र्रिाम अक्षरों में लिखा जायगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का कालखंड भारत के भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखने का कार्यकाल है। जहां तकनीक है, वहां तरक्की है, जहां भाजपा सरकार है, वहां गरीब का कल्याण है। शासन अब सेवा है। सरकार अब सहभागी है। सुशासन अब संस्कृति है.
पिछले 11 वर्षो में भारत को विकसित बनाने का अमृतकाल का शुरूआत की गई है।
वर्ष 2014 से पहले भारत में भारत में भ्रष्टाचार, घोटालो और तुष्टीकरण की ही बात सामने आती थी लेकिन अब विकास, अविष्कार और नवाचार की बात हो रही है।
पहले सरकार की योजनाओं के पैसे लोगो तक नहीं पहुचते थे। उस पैसे को बिचोलिए डकार जाते थे लेकिन मोदी सरकार में सीधा जनता के खाते में पैसा पहुच रहा है।
पहले इलाज के लिए सोचना पड़ता था परंतु अब आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क इलाज हो रहा है। पहले हम दुनिया की अस्थिर अर्थव्यवस्था में आते थे पर आज दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था में आते हैं।
क्या ही संयोग है कि विकसित भारत के अमृत काल के 11 वर्ष तब पूरे हो रहे है जब दुनिया में आपरेशन सिंदूर का डंका बज रहा है।
आपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं है, ये हमारे संकल्प साहस और बदलते भारत की तस्वीर है।
कांग्रेस के राज में इंदिरा से लेकर मनमोहन तक सिर्फ गरीबी हटाओ के नारे दिये जाते थे लेकिन अब आंकडे बताते है कि मोदी सरकार में अब 27 करोंड से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गये है।
मोदी जी ने कहा था मेरा सपना है कि भारत की गरीब सिर्फ आंकडे में न हो बल्कि नीति निर्माण का केन्द्र बने और हम आज देख सकते है कि केन्द्र सरकार की योजनाओ में गरीब केन्द्र बिंदु हैं। जैसे पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्जवला योजना, पीएम आवास, जल जीवन मिशन, पीएम जनधन योजना, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सममान निधि आदि अनेक योजनाओ के माध्यम से गरीबो का कल्याण हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 140 करोड भारतवासी विकसित भारत बनाने में जुटे हैं।
इन 11 सालो में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाना, तीन तलाक खत्म करना, जीएसटी लागू करना, वक्फ बिल जैसे सख्त निर्णय लिए गये है। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा केंद्र सरकार के 11 साल बेमिसाल हुए हैं जो कार्य किया है सराहनीय हैं और उन्होंने कहा हमारी विदेश नीति में आज देश के सांस्कृतिक महत्व की झलक स्पष्ट दिखती है। मोदी है तो मुमकिन है, यह सिर्फ एक नारा नहीं एक जमीनी सच्चाई है। अब राजनीति वादो की नहीं प्रदर्शन की संस्कृति पर टिकी है। महिलाओ की भागीदारी विकास के केन्द्र में है।
आतंकवाद पर सख्त नीति है।
डिफेंस एक्सपोर्ट 30 गुना बढ़ा है । भारत आत्मनिर्भर बन रहा है।
भ्रष्टाचार पर प्रहार, घोटाले खत्म, ई-नीलामी में पारदर्शिता
भारत वैश्विक नेतृत्व में अग्रणी,
सरकारी योजनाओ की निगरानी,
आर्युवैदिक और योग को वैश्विक मान्यता देश में मिली है। प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, मेयर डॉ उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायकगण कैंट संजीव अग्रवाल, नवाबगंज डॉ एमपी आर्य, मीरगंज डॉ डी सी वर्मा, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, जिला बीजेपी अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, जिला अध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, जिला प्रभारी देवेंद्र चौधरी, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर, अंकित माहेश्वरी, मनीष अग्रवाल, भाजपा वरिष्ठ नेता रविंद्र सिंह राठौर, पूर्व जिला अध्यक्ष पूरन लाल लोधी के अलावा भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इससे पहले केंद्र सरकार के 11 साल पूर्ण होने के उपलक्ष में एक प्रदर्शनी का सांसद छत्रपाल गंगवार और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने फीता काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर महापौर डॉ उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, श्रुति गंगवार, एमएलसीकुंवर महाराज सिंह, बहोरन मौर्य, डॉ डीसी वर्मा, जिला अध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना अर्बन बैंक चेयरमैन श्रुति गंगवार प्रमुख रूप से मौजूद रहे। निर्भय सक्सेना