भीषण गर्मी में वेटिंग रूम और ट्रेन के एसी फेल: रेल मंत्री को एक्स पर शिकायत के बाद हरकत में आया रेलवे

कानपुर।
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी से आम जनजीवन तो बेहाल है ही, लेकिन अब रेल यात्रियों को भी गर्मी की मार से दो-चार होना पड़ रहा है। मंगलवार को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर बने वातानुकूलित वेटिंग रूम का एसी अचानक बंद हो गया, जिससे वहां मौजूद दर्जनों यात्री परेशान हो उठे। करीब तीन घंटे तक यात्री गर्मी में पसीने-पसीने रहे। वेटिंग रूम में बैठे यात्रियों ने पहले स्थानीय रेलवे अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो एक यात्री ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर रेल मंत्री से शिकायत कर दी। इसके करीब एक घंटे बाद मरम्मत टीम पहुंची और एसी को ठीक किया गया, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिल सकी।
AC वेटिंग रूम में घुटन भरा माहौल
यात्रियों ने बताया कि वेटिंग रूम में बैठने के लिए प्रति यात्री 10 रुपये का शुल्क लिया जाता है, लेकिन जब एसी ही बंद हो जाए तो ऐसी सुविधा का क्या लाभ? दोपहर करीब 1 बजे एसी ने काम करना बंद कर दिया, जिससे अंदर तापमान तेजी से बढ़ने लगा। कुछ यात्री गर्मी से परेशान होकर वेटिंग रूम से बाहर निकल आए, लेकिन बाहर धूप और उमस ने उन्हें और भी बेचैन कर दिया। वेटिंग रूम में मौजूद यात्री मोहम्मद आरिफ ने जब देखा कि रेलवे अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे, तो उन्होंने एक्स पर रेल मंत्री से शिकायत करते हुए पोस्ट किया। यह पोस्ट वायरल हुई और रेलवे हरकत में आ गया।
ट्रेन के एसी ने भी धोखा दिया, यात्री हुए हलाकान
इसी दिन, 20433 सूबेदारगंज-कटरा जम्मू मेल के सेकंड एसी कोच A-2 का एसी भी खराब हो गया।
यात्री तौफीर अहमद ने ट्रेन अटेंडेंट से कई बार शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। मजबूर होकर उन्होंने भी एक्स पर रेल मंत्री को टैग करते हुए शिकायत दर्ज कराई।
ट्रेन जैसे ही फतेहपुर होते हुए गोविंदपुरी स्टेशन पहुंची, वहां मरम्मत टीम ने एसी की तकनीकी खराबी ठीक की। करीब 20 मिनट की देरी के बाद ट्रेन रवाना हुई, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
रेलवे पर उठ रहे सवाल, सोशल मीडिया बना समाधान का जरिया
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि रेलवे की ऑन-ग्राउंड सेवा व्यवस्था में अभी भी खामियां हैं। वेटिंग रूम और ट्रेनों में एसी की लापरवाही यात्रियों को गर्मी में झुलसा रही है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सोशल मीडिया, खासकर एक्स प्लेटफॉर्म, यात्रियों के लिए शिकायत दर्ज कराने और तत्काल कार्रवाई कराने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। रेल मंत्री और रेलवे विभाग की टीमें इन पोस्ट्स पर तुरंत प्रतिक्रिया दे रही हैं।
निष्कर्ष
गर्मी के इस भीषण दौर में रेलवे को चाहिए कि वह एसी वेटिंग रूम और ट्रेनों की तकनीकी जांच नियमित रूप से करे ताकि यात्रियों को इस प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। साथ ही, यह जरूरी है कि स्थानीय स्तर पर भी अधिकारियों की जवाबदेही तय हो, ताकि हर शिकायत को सोशल मीडिया तक न पहुंचना पड़े।