बरेली। बरेली की मनोसमर्पण सेवा संस्थान,की सकारात्मक पहल से नेपाल की महिला का समुचित इलाज और पुनर्वास हो सकेगा। 2 जून को पुलिस थाना इज्जतनगर के अंतर्गत सैदपुर हॉकिन्स में मिली नेपाल की महिला को पुलिस ने उसके परिजनों से सम्पर्क करने का बहुत प्रयास किया लेकिन उसके परिजनों का कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस थाना इज्जतनगर ने मनोसमर्पण संस्था के संस्थापक और मनोवैज्ञानिक शैलेश शर्मा की मदद ली। शैलेश शर्मा ने महिला के काउंसलिंग की तो उसने अपने परिवार की जानकारी दी लेकिन परिवार से कुछ संपर्क नहीं हो पाया। मनोवैज्ञानिक शैलेश शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला की मानसिक हालत भी सही नहीं लग रही थी इसलिए उसके बेहतर इलाज हेतु मानसिक चिकित्सालय, बरेली में दिखाया गया ताकि उसकी समुचित देखभाल और इलाज हो सके। मानसिक बीमार पाए जाने से माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बरेली के आदेशानुसार उसे मानसिक चिकित्सालय, बरेली में दाखिल कर दिया गया है। मानसिक चिकित्सालय की निदेशक डॉ पुष्पा पंत त्रिपाठी ने बताया कि युवती की मानसिक स्थिति को देखते हुए और माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में युवती को मानसिक चिकित्सालय, बरेली में दाखिल कर लिया गया है जहां मनोचिकित्सकों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। मानसिक बीमार लोगों के समुचित उपचार और पुनर्वास के साथ साथ सामाजिक उत्थान हेतु समर्पित मनोसमर्पण संस्था के फाउंडर और साइकोलॉजिस्ट शैलेश शर्मा ने बताया कि युवती की समय समय पर काउंसलिंग सेशन चलते रहेंगे ताकि उसकी स्थिति में बेहतर सुधार हो सके और युवती की मानसिक स्थिति सामान्य होते ही मनोसमर्पण की टीम को नेपाल भेज कर उसके परिजनों की तलाश की जाएगी ताकि वह वापस अपने वतन नेपाल पहुंचकर परिजनों से मिल सके और आम जीवन जी सके।