बरेली । बरेली कॉलेज में गुरुवार 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक खास संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था -21 वीं सदी में पर्यावरणीय मुद्दे और चुनौतियाँ इसमें पर्यावरण से जुड़ी मौजूदा समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडीजी रमित शर्मा शामिल हुए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल “एक पेड़ मां के नाम” की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का बेहतरीन प्रयास है। रमित शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हमें वसुधैव कुटुंबकम यानी पूरी धरती को एक परिवार मानकर काम करना चाहिए। पर्यावरण की रक्षा हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है, और यह तभी संभव है जब समाज एकजुट होकर इस दिशा में सोचे। एडीजी ने बरेली में तेजी से बढ़ते ई-कचरे की समस्या को भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का कचरा न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि इंसानों की सेहत पर भी बुरा असर डाल सकता है। इसके लिए उचित समाधान और जागरूकता जरूरी है। एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि पर्यावरण बचाने के साथ-साथ हमें मानव मूल्यों को भी समझना होगा। अगर समाज में संवेदना, सहयोग और जिम्मेदारी नहीं होगी तो पर्यावरणीय प्रयास भी अधूरे रहेंगे। आज का युवा वर्ग इस सोच को आगे बढ़ा सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। सभी ने पर्यावरण से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर सवाल पूछे और समाधान समझे। इस तरह के आयोजनों से युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है।कार्यक्रम के अंत में कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण किया गया। सभी अतिथियों और विद्यार्थियों ने मिलकर पौधे लगाए और पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया।