सिक्किम भूस्खलन में शहीद हुए हवलदार लखविंदर सिंह: पीलीभीत के धुरिया पलिया गांव में पसरा मातम
पीलीभीत। सिक्किम में हुए भीषण भूस्खलन में पीलीभीत जनपद के थाना बीसलपुर क्षेत्र अंतर्गत धुरिया पलिया गांव निवासी सेना के हवलदार लखविंदर सिंह देश के लिए बलिदान हो गए। इस दर्दनाक खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। सोमवार शाम जब लखविंदर के बलिदान की सूचना उनके परिजनों को मिली तो पूरा परिवार गहरे सदमे में डूब गया। घर में कोहराम मच गया, माता-पिता, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
बेटी के जन्म के बाद लौटे थे ड्यूटी पर
लखविंदर सिंह बीते दिनों 50 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। इसी दौरान उनकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन किसे पता था कि यह मुलाकात आखिरी होगी। लखविंदर 20 अप्रैल को ड्यूटी पर वापस लौटे थे। उनके भाई पलविंदर सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही लखविंदर से बात हुई थी, उन्होंने बताया था कि सिक्किम में मौसम खराब है लेकिन सब ठीक है।
मातम में बदली खुशियां, मासूम बेटी के सिर से उठा पिता का साया
लखविंदर के परिवार में गहरा शोक है। उनकी पत्नी रुपिंदर कौर रोते-रोते बेसुध हो जा रही हैं। ढाई माह की मासूम बेटी मनसिरत कौर मां की गोद में रो रही है, जबकि सात वर्षीय बेटा एकमजोत अपने पिता को याद करके फूट-फूटकर रो रहा है। गांव के लोग और रिश्तेदार ढांढस बंधाने पहुंचे, लेकिन हर किसी की आंखें नम हो गईं। बलिदानी के पिता गुरदेव सिंह ने नम आंखों से कहा कि बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है, लेकिन यह पीड़ा सहना आसान नहीं।
बहनोई अमरदीप ने वीडियो कॉल से दी जानकारी
हवलदार लखविंदर सिंह के बहनोई अमरदीप सिंह भी भारतीय सेना में हैं और इस समय सिक्किम में ही तैनात हैं। उन्होंने मंगलवार को वीडियो कॉल के जरिए परिवार को घटनास्थल और सिक्किम के हालात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छह दिनों से मौसम खराब है और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अमरदीप की तैनाती लखविंदर की पोस्टिंग से चार घंटे की दूरी पर थी।
प्रशासन ने जताई संवेदना, हरसंभव मदद का आश्वासन
बलिदान की खबर मिलने के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि सरकार की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने पार्थिव शरीर के घर पहुंचने की जानकारी भी ली।
अंतिम दर्शन को उमड़ेगा गांव
बुधवार को हवलदार लखविंदर सिंह का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचने की उम्मीद है। उनके अंतिम दर्शन के लिए गांव सहित आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जुटने की संभावना है। गांववाले गर्व और गम के मिले-जुले भाव के साथ अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देंगे।













































































