बदायूं में हजारों शिक्षकों नेपुरानी पेंशन बहाली को धरना-प्रदर्शन किया

बदायूं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक आज जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर अपनी पुरानी पेंशन बहाली समेत 14 सूत्रीय मांगों के लिए 12 बजे से पहुंचना शुरू हो गए। धरने की शुरुआत पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए 27 लोगो को 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि देकर की गई। तत्पश्चात सरिता शर्मा ने मां शारदे की वंदना की गई। शिक्षकों से वार्ता करने पर उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली के साथ-साथ कुछ अन्य मांगों को पूरा करने के लिए प्रयासरात हैं परंतु शासन की ओर से शिक्षकों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया गया जिसके चलते आज शिक्षक मजदूर दिवस पर धरना देने पर मजबूर हुए। धरने में शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए- जगत ब्लॉक अध्यक्ष डॉ पंकज पाठक ने कहा कि संगठन के दबाव के कारण शासन ने एनपीएस में संशोधन किया और यूपीएस-यूनिफाइड पेंशन स्कीम लाई। यदि पुरानी पेंशन की लड़ाई जोरदार तरीके से लड़ी गई तो निश्चित रूप से सरकार को पुरानी पेंशन देनी पड़ेगी।
उसावा ब्लाक अध्यक्ष रामसेवक वर्मा ने कहा कि तन मन धन से शिक्षकों की लड़ाई लड़ी जाएगी। सहसवान से रमेश बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन सभी के लिए बहुत आवश्यक है। आसफपुर से अनिल ठाकुर ने कहा की पुरानी पेंशन हमारे बच्चों का हक और हमारे बुढ़ापे की लाठी है। कादरचौक ब्लॉक अध्यक्ष बृजेश यादव ने कहां की उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का इतिहास रहा है जब-जब कोई मांग जोरदार तरीके से रखी गई तब तक सरकार को झुकना पड़ा है यही एक वट वृक्ष है जिसमें शिक्षकों का हित सुरक्षित है। ससरेर मंत्री गुरचरण ने काव्यमय अंदाज में कहा कि सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है। उन्होंने कहा कि जैसे माध्यमिक में समस्त शिक्षकों के प्रोनत वेतनमान दिए जाने का प्रावधान है उसी प्रकार बेसिक में भी होना चाहिए। राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका सीमा राजा ने दातागंज में शिक्षक के साथ हुई घटना पर संगठन के द्वारा तत्काल कार्यवाही का वृतांत सुनाते हुए जिलायक्ष संजीव शर्मा का आभार जताया। वजीरगंज मंत्री सलमान खान ने कहा कि सभी शिक्षकों को एकजुट होकर संघर्ष करना होंगा सलारपुर ब्लाक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि एक तरफ विभाग प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देता जा रहा है और दूसरी तरफ हम शिक्षकों से कहता है कि छात्र नामांकन में वृद्धि लाओ। यह कैसे संभव होगा? बिसौली अध्यक्ष मधुकर उपाध्याय ने 68500 एवं 69000 भर्ती में नवनियुक्त शिक्षकों को एकजुट होकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले संघर्ष करने का आवाहन किया। जिला उपाध्यक्ष अनुराग यादव ने कहां कि सुदूर गांव में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का सम्मान और स्वाभिमान उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सुरक्षित है। मातृशक्ति कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दें तो शिक्षकों की सभी मांगे पूरा होने में देर नहीं लगेगी।
इस्लामनगर ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह राघव ने संगठन के गौरवमयी इतिहास का वर्णन करते हुए एक समय था जब बेसिक शिक्षा जिला पंचायत के हवाले कर दी गई थी और ग्राम प्रधान को उपस्थित सत्यापित करने का अधिकार दे दिया गया थाउस समय शिक्षकों ने जमीन पर बैठकर प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले संघर्ष या और संघर्ष का परिणाम है कि आज शिक्षक सम्मानजनक जीवन यापन कर रहा है। धरने में अधिक से अधिक शिक्षकों को शामिल होने के लिए आवाहन कुछ इस प्रकार किया कि मंजिल मिल ही जायेगी भटकते- भटकते ही सही गुमराह तो वे लोग हैं जो घर से निकले ही नहीं। जिला महामंत्री उदयवीर सिंह यादव ने कहा कि सीढ़ियां उन्हें मुबारक जिन्हें छत तक जाना है। हमारी मंजिल तो आसमान है हमें रास्ता खुद बनाना है। जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी ने कहां कि पुरानी पेंशन सहित 14 सूत्रीय मांगों के लिए जब-जब शिक्षकों से आह्वान की जाए तब तक शिक्षक एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए तैयार रहे। उझानी ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद दीक्षित ने कहा कि मानव संपदा पर जो पाँच मॉड्यूलस विकसित किए गए हैं उनमें अपडेशन की आवश्यकता है शिक्षकों को चयन वेतनमान,प्रोन्नत वेतनमान जीपीएफ से नकद निकासी आदि में बहुत समस्या हो रही है उसका तत्काल संशोधन होना बहुत आवश्यक है। दहगवा ब्लॉक अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के गौरवशाली इतिहास से समस्त नवनियुक्त शिक्षकों को अवगत कराया और एकजुट होकर संघर्ष करने का आवाहन किया। वक्ताओं के संबोधन के के पश्चात शिक्षकों की 14 सूत्रीय मांगों युक्त माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह को सौपा गया। इसके साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिला स्तर पर शिक्षकों से संबंधित लंबित प्रकरणों से अवगत कराते हुए उनके निराकरण का अनुरोध किया गया जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिला स्तरीय समस्याओं का निस्तारण शीघ्र करने का आश्वासन दिया। जिला अध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा ने समस्त आगंतुक शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार की समस्या में कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान समस्त विकास क्षेत्र के अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, संघर्ष समितियां के पदाधिकारी, तहसील पदाधिकारी गण, जिला स्तरीय पदाधिकारियों समेत हजारों शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
शिक्षकों की प्रमुख मांगे
- 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों हेतु पुरानी पेंशन की बहाली। 2. 1 अप्रैल 2005 के पूर्व जारी हुए विज्ञापन के माध्यम से शिक्षक पद पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन से आच्छादित करने में तकनीकी समस्याओं का निराकरण किया जाए। 3. कोरोना कल के पश्चात पाठ्यक्रम पूर्णता हेतु विद्यालयों का संचालन समय जो एक घंटा बढ़कर 9 बजे से 3 बजे तक किया गया था वो अब भीषण गर्मी के कारण अब पूर्व की तरह दोपहर 7:00 बजे से 12:00 बजे तक कर दिया जाए।
- 2015 के बाद से रुके हुए पदोन्नति रुकी हुई है एवं प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाना लंबित है।इसे तत्काल दिया जाए।
- अतः जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण में अंतर जनपदीय स्थानांतरण की तरह प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय व सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय को एक दूसरे के साथ पारस्परिक स्थानांतरण की व्यवस्था प्रदान की जाए।
6 परिषदीय विद्यालयों में अंत जनपदीय एवं अंतर्जनपदीय सामान्य स्थानांतरण कई वर्षों से लंबित है। प्रतिवर्ष स्थानांतरण की प्रक्रिया की जाएं। - अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में शिक्षकों की सेवा अवधि को 50% भारांक के अंतर्गत रखा जाए यानी अन्य श्रेणी के भारांक कुल भारांक के 50% से अधिक न किए जाएं। जिससे शिक्षकों को स्थानांतरण का लाभ मिल सके।
- आकांक्षी जनपदों के शिक्षकों का भी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण किया जाए।
- शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि से अग्रिम आहरण, विभिन्न अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गमन, प्रोन्नत वेतनमान और चयन वेतनमान की स्वीकृति समस्त अनुशासनिक कार्यवाही का निस्तारण मानव संपदा पोर्टल के मॉड्यूल से किए जाने के निर्देश तो जारी किए गए हैं परंतु मॉड्यूल ठीक ढंग से काम नहीं करता अतः मॉडल को ठीक ढंग से संचालित किया जाए और प्रोन्नत वेतनमान व चयन वेतनमान की स्वीकृति की प्रक्रिया में संशोधन करके अन्य कार्य की भांति उसको भी शिक्षक द्वारा मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आवंटित किए जाने की व्यवस्था की जाए।
- मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का व्यक्तिगत विवरण, शिक्षकों को मिलने वाले विभिन्न अवकाशों के अंकन इत्यादि कार्यों में बहुत सी त्रुटियां होती हैं जिनका संशोधन विभिन्न स्तरों से होकर अंतिम रूप से महानिदेशक स्तर पर होना होता है परंतु इस प्रक्रिया के बहुत जटिल होने के चलते शिक्षकों की यह कार्य अपूर्ण रहते हैं।अतः उक्त संशोधन की व्यवस्था जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर की जाए।
- विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि छात्रों के प्रवेश के समय आधार कार्ड एन अनिवार्य ना किया जाए जिसके चलते प्रधानाध्यापक अभिभावक के स्वयं घोषणा के आधार पर ही बच्चों का नामांकन कर लेते हैं। परंतु बाद में अधिकांश अभिभावकों द्वारा आधार कार्ड बनवाते समय विद्यालय से रिकॉर्ड ना लेकर बच्चों की जन्मतिथि, नाम आदि परिवर्तित कर दी जाती है जिससे डीबीटी अपडेशन, अपार आईडी और यू डाइस आदि रिकॉर्ड में भिन्नता आ जाती है इसलिए छात्रों के आधार कार्ड बनवेट समय संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को द्वारा छात्र का विवरण सत्यापित करने की अनिवार्यता की जाए। जिससे कि रिकॉर्ड्स में भिन्नता ना हो।
- खंड शिक्षा अधिकारी की कमी होने के कारण कुछ ब्लॉक में प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी तैनात कर दिए जाते हैं परंतु उनकी विकास खंड में एल टू के रूप में उनकी आईडी जेनरेट नहीं हो पाती है। उक्त समस्या का निराकरण किया जाए।
- 1 अप्रैल 2014 के बाद शिक्षकों को मिलने वाली सामूहिक बीमा की व्यवस्था खत्म कर दी गई अतः सामूहिक बीमा के नाम पर लाखों शिक्षकों से ली गई कटौती की धनराशि को संबंधित शिक्षक को वापस किया जाए और सामूहिक बीमा की बीमित धनराशि को 10 लख रुपए किया जाए।
- दिव्यांग वाहन भत्ता में बढ़ोतरी हेतु शासनादेश राज्य कर्मचारियों के लिए जारी किया गया और उनको उनका लाभ मिल रहा है परंतु परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को विभागीय आदेश निर्गत ना होने के कारण संशोधित वाहन भत्ते का लाभ नहीं मिल रहा है उक्त के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए जाएं।