बरेली : खुसरो कॉलेज में फर्जी डी.फार्मा डिग्री घोटाले ने सैकड़ों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। छात्रों ने कोर्स के लिए फीस जमा की थी, लेकिन बाद में पता चला कि डिग्रियां नकली हैं। शेर अली जाफरी को SIT ने दोषी पाया, और वह जेल में है। प्रशासन ने उसकी संपत्ति चिह्नित की है, लेकिन जिला अधिकारी के आदेश लंबित हैं। छात्रों की मांग छात्र, जिनमें विनोद कुमार वर्मा, महेश राठौर, दीपक कुमार आदि शामिल हैं, ने कहा है कि वे एकल परिवारों से हैं और इस घोटाले ने उनके भविष्य को बर्बाद कर दिया है। वे चाहते हैं कि जाफरी की संपत्ति जब्त कर नीलाम की जाए, ताकि उनकी फीस वापस मिल सके और भविष्य की क्षतिपूर्ति हो सके। प्रशासन ने जाफरी की संपत्ति चिह्नित की है, और नए आरोपियों की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त करने की बात सामने आई है। हालांकि, अप्रैल 2025 तक कोई नई जानकारी नहीं मिली है कि जाफरी की संपत्ति औपचारिक रूप से जब्त की गई है या नहीं। छात्र तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।