बाबा साहब के मिशन को आज अखिलेश यादव कर रहें हैं पूरा : नीरज मौर्या
बरेली । सामाजिक सुधारक और भारत के संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अम्बेडकर एक महान व्यक्तित्व के स्वामी थे आपने छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ बहुत मुखर होकर संघर्ष कर दलितों और समाज में पिछड़े लोगों को सम्मान से जीने का हक़ दिलाया। आज बाबा साहब की 134 वीं जयंती के मौके पर अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश भर के सपा मुख्यालयों पर समारोह आयोजित किये गए। इसी कड़ी में बरेली सपा कार्यालय पर भव्य कार्यक्रम जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। बतौर मुख्यातिथि आँवला सांसद नीरज मौर्या कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर बाबा साहब के चित्र पर सपा नेताओं ने पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर आँवला सांसद नीरज मौर्या ने कहा कि देश के लिए संविधान का निर्माण, हिंदू कोड बिल, और महिलाओं के अधिकारों के लिए कानून बनाने का काम बाबा साहब ने किया था बाबा साहब ने छुआछूत और जाति प्रथा के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने आज़ादी से पहले अछूतों को सार्वजनिक जल स्रोतों से पानी लेने का अधिकार दिलाने के लिए सत्याग्रह का नेतृत्व किया। आपको देश के सबसे बड़े संविधान को लिखने का ज़ब मौका मिला तो उन्होंने जो भी कानून बनाये वह बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए समान रूप से बनाया। उनका मिशन उनके बाद मान्यवर कांशीराम ने पूरा करने के लिए बहुत कार्य किया किन्तु उनके बाद उनके मिशन जो हाशिये पर आ गया था आज उसे पूरा करने के लिए अखिलेश यादव पूरी ईमानदारी और ताकत के साथ पी. डी. ए के माध्यम से पूरा करने में जुटे हैं। 2027 में बाबा साहब के अनुयायी पीडीए को मजबूत करते हुए अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएंगे ऐसा मेरा विश्वास है। इसी कड़ी में जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा बाबा साहब अम्बेडकर हमारे लिए भगवान का दर्जा रखते हैं, बाबा साहब ने हमें संविधान के रूप में अन्याय और अत्याचार से लड़ने के लिए बहुत बड़ा हथियार प्रदान किया है लेकिन भाजपा और साम्प्रदायिक ताकतें साजिश कर इस संविधान को मिटाना चाहते हैं लेकिन अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए के लोग उनकी यह साजिश कभी क़ामयाब नहीं होनें देंगें। वहीं महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी ने डॉ. अम्बेडकर को खिराज़े अक़ीदत पेश करते हुए कहा संविधान के शिल्पकार बाबा साहब ने वर्षों से चली आ रही कुरीतियों के खिलाफ बचपन से ही मोर्चा लेना शुरू कर दिया था और उच्च शिक्षा पाकर उन्होंने अपनी शिक्षा और बुद्धिमता के माध्यम से देश के लिए उदाहरण पेश किया। आपने जातिप्रथा के खिलाफ संघर्ष किया और मजलूमों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि आज देश में सत्ता के संरक्षण में लोग संविधान की धज्जियाँ उड़ाने में लगे हैं खुले आम देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव को गोली मारने की धमकी देनें का काम कर रहें हैं और प्रशासन के लोग मौन धारण करें बैठें हैं जो बहुत ही निंदनीय है। इसी कड़ी में बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सोनकर ने बाबा साहब के जीवन पर बहुत विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहेब की देन व धरोहर ‘संविधान और आरक्षण’ बचाने के पीडीए के आंदोलन को नई ताक़त अखिलेश यादव प्रदान कर रहें हैं हम सबका मान-सम्मान-स्वाभिमान और अधिकार तभी सुरक्षित रहेगा ज़ब बाबा साहब का संविधान सुरक्षित रहेगा। कार्यक्रम का संचालन महासचिव पंडित दीपक शर्मा ने किया। इस अवसर पर ज़िला उपाध्यक्ष मनोहर पटेल व तन्वीर उल इस्लाम , महानगर उपाध्यक्ष शेर सिंह गंगवार, राजेश मौर्या, गोविंद सैनी, दिनेश यादव, खालिद खाँ, अनुज गंगवार, संजीव यादव दंन्नू, ज़िला कोषाध्यक्ष अशोक यादव, ज़िला सचिव ब्रजेश श्रीवास्तव, हरिओम प्रजापति, सय्यद ज़मील अहमद, धीरज हैप्पी यादव, वरिष्ठ पार्षद मों. आरिफ कुरैशी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र पटेल, सैफ वली खाँ, शाहरुख़ अंसारी, महिला सभा जिलाध्यक्ष स्मिता यादव व महानगर अध्यक्ष सरताज गज़ल अंसारी, छात्र सभा महानगर अध्यक्ष विक्रांत सिंह पाल, लोहिया वाहिनी महानगर अध्यक्ष मेराज़ अंसारी, व्यापार सभा महानगर अध्यक्ष नीरज गुप्ता, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ महानगर अध्यक्ष आदित्य कश्यप, अल्पसंख्यक सभा महानगर अध्यक्ष मोहसिन खान, बाबा साहब वाहिनी महानगर अध्यक्ष अमित गिहार, मजदूर सभा महानगर अध्यक्ष अशफ़ाक़ चौधरी व अधिवक्ता सभा जिलाध्यक्ष श्याम वीर यादव, उषा यादव, शबाना खान, शिवानी कश्यप, गुंजन शर्मा, दीपक वाल्मीकि, ऋषि यादव, डॉक्टर चाँद, फ़ौजी हरिपाल सिंह, रामानंद कोली, पियूष वर्मा, योगेश सागर, ओमप्रकाश प्रजापति, रामसेवक प्रजापति, शिवम प्रजापति, पूर्व पार्षद डालचंद्र वाल्मीकि, रेहान खान, इंजिनियर सतेन्द्र यादव, जावेद गद्दी, अमरीश यादव, नन्द किशोर यादव, प्रवीण यादव, हाज़ी शकील, जितेंद्र मुंडे, प्रमोद अग्रवाल, वरुण गिहार, डॉक्टर सत्यदेव ओझा, हसीब खान आदि पदाधिकारी कार्यक्रम में प्रमुख रूप मौजूद रहे।













































































