कोरोना काल के बाद सौ गुना तक बढ़ी है इंडोर प्लांट की लोकप्रियता
बरेली। कोरोना महामारी ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि ऑक्सीजन देने वाले पौधों, विशेषकर इंडोर प्लांट्स की मांग में भी भारी इजाफा हुआ है। जहां पहले नर्सरी व्यवसाय में इंडोर प्लांट्स को लेकर सीमित रुचि थी, वहीं अब लोगों में इनके प्रति सौ गुना तक वृद्धि देखी जा रही है बरेली की प्रतिष्ठित “फ्लोरा नर्सरी”, जो पिछले तीन दशकों से पौधों की गुणवत्ता और विविधता के लिए जानी जाती है, इस बदलाव की अग्रणी मिसाल बनकर सामने आई है। नर्सरी के एमडी बाबूराम मौर्य ने अब इसकी बागडोर अपनी बेटी रिचा मौर्य को सौंप दी है, जो एमएससी हॉर्टिकल्चर की अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। रिचा मौर्य बताती हैं, “कोरोना काल के बाद इंडोर प्लांट की मांग में 100% से अधिक वृद्धि हुई है। लोग अब अपने घरों में ऑक्सीजन जनित पौधों को प्राथमिकता दे रहे हैं। हमने इस व्यवसाय को केवल व्यापार नहीं, बल्कि समाजसेवा से जोड़ दिया है। हमारे यहां कोई भी ग्राहक खाली हाथ नहीं लौटता, चाहे उसके पास पैसे हों या नहीं। रिचा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जिन इंडोर प्लांट्स की मांग तेजी से बढ़ी है, उनमें प्रमुख हैं- नेवे डेपर, स्नेक प्लांट, अगोनिया एंग्लोनिमा, एरिका पाम, चिल्ड ओडियन, गोल्डन मार्बल एंजॉय मनी प्लांट, एलेक्सा प्लांट, डौसेरना सीटीसी, डौसेना माई लव और रेड मचेला प्लांट। उन्होने बताया कि ये सभी पौधे प्राकृतिक ऑक्सीजन स्रोत होने के साथ ही छोटे घरों और इनडोर वातावरण के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं। वन विभाग और प्रशासन भी कर रहा है सहयोग प्रभागीय वनाधिकारी दीक्षा भंडारी (IFS) ने बताया कि इंडोर प्लांट्स वायु प्रदूषण से रक्षा और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वन विभाग भी हर वर्ष वर्षा ऋतु में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाता है। इस वर्ष पहली बार बरेली में जिला प्रशासन द्वारा 118 हेक्टेयर भूमि वृक्षारोपण हेतु उपलब्ध कराई गई है, जहां विभिन्न प्रकार के जीवनदायी वृक्ष लगाए जाएंगे। श्रीमती भंडारी ने आगे बताया कि “शक्ति वाटिका” की स्थापना की गई है, जहां आम, अर्जुन, नीम, बेल, पीपल, जामुन, कदंब और बरगद जैसे वृक्षों का रोपण किया गया है। जिला उद्यान अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने कहा कि बरेली में नर्सरी व्यवसाय तेजी से समृद्ध हो रहा है और फ्लोरा नर्सरी समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रही है।













































































