बरेली। भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने जिला मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया जिसमें भारतीय मजदूर संघ द्वारा बजट में श्रमिकों की अनदेखी किए जाने को लेकर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। भारतीय मजदूर संघ द्वारा दिए गए सुझावों पर अपेक्षा का अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई इस बजट में ईपीएफ 95 के 75 लाख से अधिक पेंशनर्स को कोई राहत नहीं दी गई है जिससे उनमें घोर निराशा है क्योंकि इस महंगाई के युग में ₹1000 में जीवन निर्वाह नहीं हो सकता स्कीम वर्कर जैसे आंगनवाड़ी आशा कर्मी मिड डे मील के साथ-साथ संगठित क्षेत्र जैसे बीड़ी प्लांटेशन चाय बागान मजदूर कृषि मजदूर एवं कृषि मजदूरों की भी गौर उपेक्षा की गई है सरकार द्वारा बजट में सार्वजनिक स्थानों का निजीकरण कर 10 लाख करोड रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है वही जीवन बीमा निगम में 100% विदेशी निवेश की अनुमति देकर शारीरिक संपत्ति की बिक्री का मार्ग खोलकर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है और सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर चोट है भारतीय मजदूर संघ की 158 वीं कार्य समिति भारत सरकार से यह मांग करती है कि ईपीएफ 95 की न्यूनतम पेंशन रुपए 5,000 तत्काल की जाए वह अंतिम तौर पर वेतन का 50 प्रतिशत महंगाई राहत पेंशन का भुगतान किया जाए ऐप की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹30,000 और ईएसआईसी की वेतन सीमा 21,000 से बढ़कर 42,000 करने की मांग की है सार्वजनिक संपत्ति की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए बीमा वित्तीय क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश पर रोक लगाई जाए स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा दी जाए असंगठित क्षेत्र हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाए भारतीय मजदूर संघ द्वारा दिए गए उपरोक्त सुझावों पर सरकार द्वारा कोई ध्यान न देकर श्रमिकों के साथ अन्याय किया है भारतीय मजदूर संघ 18 मार्च को जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रदर्शन देकर अपनी मांग मंगवाने की मांग कर रही है और मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा ज्ञापन देने वालों में जगदीश संत शर्मा, प्यारेलाल ,अरविंद गंगवार ,राजपाल सिंह ,संतोष कुमार, मनोज सिंह ,राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।
ईपीएफ 95 की न्यूनतम पेंशन रुपए 5,000 करने की मांग की

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