बरेली। दरगाह शाहदाना वली के मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि आज दरगाह पर सामूहिक रोज़ इफ्तार कराया गया हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल है दरगाह शाहदाना वली सभी लोग एक ही दस्तरखान पर बैठकर रोज़ इफ्तार करते है बाद नमाज़े असर सरकार शाहदाना वली के कुल शरीफ की फातिहा हुई हिंदुस्तान में अमनो अमन के सात भाई चारे के लिए खुसूसी दुआ की गई।रमज़ान मुबारक के महीने में हर साल की तरह इस साल भी पहले रोज़े से लेकर आखरी रोज़े तक सामुहिक रोज़ा इफ्तार का आयोजन जारी रहता है दरगाह शाहदाना वली पर सभी धर्म के लोग एक सात दस्तरखान पर बैठकर रोज़ इफ्तेयर करते है। दरगाह के मुतावल्ली अब्दुल वाजिद ख़ाँ बब्बू मियाँ ने बताया रामजान उल मुबारक का मुक़दस महीना अल्लाह की नेमतों और बरकतों से भरा हुआ है।यह सिर्फ भूखे प्यासे रहने का नाम नही बल्कि अपने ईमान को मजबूत करने अल्लाह की इबादत में मशगूल रहने और गरीबो व ज़रूरतमंदों की मदद करने का बहतरीन वक़्त है।यही वह पाक महीना है जिसमे कुरआन मजीद नाज़िल किया गया और जिसमे हर नेकी का अज्र कई गुना बढ़ा दिया जाता है।यह महीना हमे सब्र तक़वा और इबादत की तरफ रुझान देता है। इफ़्तार के टाइम रोज़े दारों की रौनक दरगाह परिसर में रहती है इफ्तेयर में मुख्खे रूप से शीरोज सैफ कुरैशी,मिर्ज़ा शाहाब बेग,गफूर पहलवान,गुल्लन खा,जावेद खा,अब्दुल सलाम नूरी,सईद अहमद,भूरा साबरी,शाहन खा,सलीम रज़ा,मेहबूब साबरी सहित बड़ी तादात में लोग मौजूद रहे।