शब-ए-बरात – इबादत में गुजरी रात, गुनाहों से माफी के लिए उठे हाथ,कब्रिस्तानों में चिरागां किया
उझानी। नगर में शब-ए-बरात की रात मुस्लिम समाज के लोगों ने इबादत कर गुजारी। गुनाहों से माफी मांगने के साथ ही दुनिया से जा चुके लोगों की मगफिरत के लिए दुआ की। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस का पहरा भी रहा। इबादत की इस रात को लेकर सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों में जोश और जज्बा देखते बना। बृहस्पतिवार देर शाम कब्रिस्तानों में चिरागां किया गया। इस्लामी कैलेंडर में शाबान का महीना शुरू होते ही चांद की 14 तारीख को शब-ए-बरात को लेकर तैयारियां शुरू हो जाती हैं। मुस्लिम समुदाय में इस रात की अहमियत अन्य रातों के मुकाबले अधिक है। इस रात में की गई इबादत का सबाब भी सत्तर गुना अधिक मिलता है। बृहस्पतिवार को लखदख कुर्ते पायजामे पहना, सिरों पर टोपी सजाकर घरों से निकले बच्चों की खुशी भी देखते ही बन रही थी।

घरों में नियाज-ओ-नजर का एहतमाम किया गया। शाम के समय कब्रिस्तानों में चिरागां किया गया। लोगों ने मरहूमीन की मगफिरत के लिए फातिहा पढ़कर दुआ की। मस्जिदें रंगबिरंगी रौशनी से नहा उठीं। वहीं, मगरिब की नमाज अदा करने के बाद मस्जिदों में नफली इबादत का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। उलेमाओं ने इस रात की अहमियत संग ही रसूले खुदा की तालीमात के बारे में बताया। इसके अलावा जिलेभर में भी मुस्लिम समाज के लोगों ने शब-ए-बरात में इबादत की। पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट मोड पर शब-ए-बरात को लेकर पुलिस-प्रशासनिक अफसर दिनभर अलर्ट मोड पर रहे। शाम के समय पुलिसकर्मी सड़क पर नजर आए। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के अलावा शहर के मुख्य चौराहों के साथ मस्जिदों के आसपास अतिरिक्त एहतियात बरती गई। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए सुबह से ही पुलिसकर्मी अपने-अपने क्षेत्र में गश्त पर रहे। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस बल ने शहर में पैदल मार्च किया। शाम होते ही पुलिसकर्मियों की तैनाती रही, जो देर रात तक रही !













































































