फाइलेरिया से बचाव की दवा खाएंगे तो नहीं होगा हाथीपांव

बरेली। जनपद में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लिम्फेटिक फाइलेरियासिस (हाथी पांव) के उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन अभियान (आईडीए) का आयोजन किया जा रहा है। जोकि 10 फरवरी से दो सप्ताह तक चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत, लक्षित क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने को बताया कि लिम्फेटिक फाइलेरियासिस एक गंभीर बीमारी है जो मच्छरों के काटने से फैलती है। इस बीमारी के कारण शरीर के लटकते हुए अंगों में सूजन आ जाती है, जिससे व्यक्ति को विकलांगता का सामना करना पड़ता है। फाइलेरिया के लक्षण संक्रमण होने के 5 से 15 वर्षों के बाद नजर आते हैं, एक बार बीमारी हो जाने पर इसका कोई इलाज नहीं है। ऐसे में बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है। सर्वजन दवा सेवन अभियान में खिलाई जा रही दवाओं के सेवन से इसे रोका जा सकता है। अभियान के दौरान घर घर जाकर 545 टीमें फाइलेरिया से बचाव की दवा । इस अभियान को सफल बनाने के लिए सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आएं और दवाएं खाकर इस बीमारी के उन्मूलन में सहयोग करें। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल डॉ. प्रशांत रंजन ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि फाइलेरिया लाइलाज बीमारी है l अभियान के तहत 10 फरवरी से स्वास्थ्यकर्मी आपके घर आकर फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलायेंगे। फाइलेरिया रोधी दवा जरूर खाएं। जब आशा या स्वास्थ्य कर्मी आपके घर आएं और अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और आस पड़ोस में भी सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के लिए प्रेरित करें और अपने जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाएं। डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि दवा खाली पेट न खाएं और दवा खाने के बाद यदि कोई खुजली चकत्ते जैसी परेशानी होती है तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में फाइलेरिया के कीटाणु पहले से उपस्थित थे जो अब मर रहे हैं, इसे शुभ संकेत माना जाए, किसी भी परेशानी के लिए प्रत्येक ब्लॉक पर बनी रैपिड रिस्पॉन्स टीम से संपर्क करें। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि इस बार यह अभियान जनपद के सिर्फ इन तीन ब्लाकों क्यारा, आलमपुर जाफराबाद (भमौरा), फरीदपुर में चलाया जाएगा। क्योंकि गत वर्ष हुए अभियान के बाद चलाए गए नाइट ब्लड सर्वे में इन ब्लॉक में माइक्रो फाइलेरिया रेट एक से अधिक आया है, जबकि बाकी जगह एक से कम आया है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि एमडीए अभियान के तहत, स्वास्थ्य कार्यकर्ता इन ब्लॉक में घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं (एलबेंडाजोल, डीईसी और आईवरमेक्टिन) खिलाएंगे। दवा सिर्फ एक साल से छोटे बच्चे, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति और गर्भवती को नहीं खानी है। यह दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इनका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।
जनपद का लक्ष्य
जनपद में यह अभियान सिर्फ तीन ब्लाकों क्यारा, आलमपुर जाफराबाद (भमौरा), फरीदपुर में चलेगा, जिसमें 6.51 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। जिसके लिए 545 टीम बनाई गयी हैं, जो घर घर जाकर दवा का सेवन कराएंगी। वर्तमान में जनपद में 185 फाइलेरिया के मरीज हैं।