बरेली। सिविल लाइन स्थित मस्जिद नोमहला शरीफ़ दरगाह नासिर मियां परिसर में हज़रत मौला अली की विलादत के मौके पर प्रोग्राम किया गया,मिलादे पाक,नातो मनकबत, तकरीरि महफ़िल सजी,लंगर बाँटा गया। इस मौके पर ख़ादिम हज़रत शाने अली कमाल मियां साबरी नासरी ने हज़रत मौला अली करामातों और शख्सियत को बयाँ किया। इस मौके बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खाँ वारसी ने हज़रत मौला अली ने हक़ और हक़ीक़त का रास्ता बताया हैं हज़रत अली ने फरमाया हैं कि अगर इन बातो पे आप चले तो दुनिया की कोई ताक़त आपको क़ामयाब होने से नही रोक सकती,इन्सान का अपने दुश्मन से इन्तकाम का सबसे अच्छा तरीका ये है कि वो अपनी खूबियों में इज़ाफा कर दे।हज़रत मौला अली की नसीहतो को बयाँ करते हुए कहा कि सब्र एक ऐसी सवारी है जो सवार को अभी गिरने नहीं देती।ऐसा बहुत कम होता है के जल्दबाज़ नुकसान न उठाये , और ऐसा हो ही नही सकता के सब्र करने वाला नाक़ाम हो.सब्र – इमान की बुनियाद, सखावत (दरियादिली) इन्सान की खूबसूरती, सच्चाई हक की ज़बान, नर्मी कमियाबी की कुंजी, झूठ बोलकर जीतने से बेहतर है सच बोलकर हार जाओ,जहा तक हो सके लालच से बचो लालच में जिल्लत ही जिल्लत, और बहुत सी नसीहतें मौला अली ने सारी दुनिया को दी हैं इस पर अमल करने वाला हर इंसान कामयाब हैं।सम्पूर्ण मानव जाति को हज़रत अली के संदेशों को अपनी ज़िंदगी मे उतारकर सफलता की ओर बढ़ना चाहिए। इमाम मुफ़्ती अब्दुल बाकी मरकज़ी एवं कमाल मियाँ ने ख़ुसूसी दुआँ बीमारो की शिफ़ाअत और मुल्क़ औऱ आवाम की ख़ुश्क़िस्मती तरक़्क़ी के लिये दुआँ की। इस मौके मुबारकबादसूफी वसीम मियाँ साबरी नासरी,पम्मी खाँ वारसी, शाहिद मियाँ नासरी,दिलशाद साबरी कल्लन मियाँ,शाहिद रज़ा नूरी,सलीम साबरी, शमशाद,फहीम,,मेराज़,फैज़ान साबरी आदि सहित बड़ी तादात में लोग मौजूद रहे।