बिजली कटौती,उपभोक्ताओं के शोषण को लेकर व्यापारियों ने दिया ज्ञापन
बरेली : शहर में असमय बिजली कटौती और फर्जी लोगों द्वारा उभगताओं के शोषण तथा फाल्ट का समय से सुधार न किए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के महानगर अध्यक्ष शोभित सक्सेना के नेतृत्व में आज चीफ इंजीनियर विद्युत विभाग को ज्ञापन दिया गया और समस्या के समाधान की मांग की। आज उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के कार्यकर्ता सर्किट हाउस स्थित चीफ इंजीनियर विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे और उन्हें उन्हें ज्ञापन देते हुए बताया कि शहर के जगतपुर क्षेत्र में सुबह 10 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है इस बीच किसी भी समय बिजली की कटौती कर दी जाती है। समय में परिवर्तन करते हुए दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली की कटौती की जाए जिससे कि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान जब बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन किया जाता है तो ज्यादातर अधिकारियों का ट्रांसफर हो गया है इसके चलते संबंधित अधिकारी से संपर्क नहीं हो पता।
उन्होंने कहा कि जो आउटसोर्सिंग पर बिजली विभाग में लगे हुए हैं उनके पास आई कार्ड होना चाहिए ऐसे में जो आउटसोर्सिंग के लोग हैं वह उपभोक्ताओं का शोषण करते हैं उनसे अवैध वसूली करते हैं अगर आई कार्ड होगा तो ऐसा करने वालों के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई भी फेल्ट होता है तो नीचे के अधिकारियों का ट्रांसफर होने की बजे से फोन का नंबर उपलब्ध नहीं हो पाता और कंट्रोल रूम का नंबर व्यस्त रहता है ऐसे में बड़े अधिकारी को फोन करने के बाद यह धीरे-धीरे कर जबकंप्लेंट लाइनमैन तक पहुंचती लाइनमैन का कार्य क्षेत्र बहुत अधिक बड़ा कर दिया गया है जिसकी वजह से लाइनमैन के व्यस्त होने पर घंटो फाल्ट के सही होने का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यदि किसी खंबे पर करंट उतर आया है तो जब तक लाइनमैन फ्री नहीं होगा तब तक उसमें सुधार नहीं किया जाता। अन्य समस्याओं को लेकर व्यापारी नेताओं ने विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर को ज्ञापन देकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। आदर्श अग्रवाल , अमरजीत सिंह बख्शी , नयनजीत सिंह सोबती , देवेंद्र जोशी, अनिल द्विवेदी ,पुष्पेंद्र शुक्ला , ज़फ़र वेग , लक्की शाह मंडल अध्यक्ष जुनैद आलम अभिषेक विशाल सद्दाम हुसैन सतेंद्र पाल सिंह हरदीप सिंह मीरान रियासत आदि मौजूद रहे।













































































