अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले शिक्षक संघ की हुई जीत

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मार्मिक अपीलों ने शासन को किया मृतक शिक्षकों के साथ न्याय करने को मजबूर

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बदायूं।उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक संजीव शर्मा ने बुधवार को प्रदेश सरकार द्वारा 1474 शिक्षक/ शिक्षा कर्मियों की मृत्यु कोरोना के साथ ही सरकार द्वारा 812 मृत्य नाँन कोविड स्वीकारने को डॉ0 दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व वाले शिक्षक संगठन के संघर्ष की जीत बताया है।


श्री शर्मा ने कहा कि स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद द्वारा अपर मुख्य सचिव- बेसिक शिक्षा को भेजे गए पत्र में बताया कि कोविड के कारण प्रदेश में समूह क वर्ग से एक, खंड शिक्षा अधिकारी वर्ग से 6, समूह ‘ग’ में 1248 शिक्षक एवं नियत वेतन पर कार्यरत 172 शिक्षा मित्र/ अनुदेशको की मृत्यु पंचायत चुनाव में हुए कोविड संक्रमण के कारण हुई है।
महानिदेशक ने पत्र में इन मृत्यु के अलावा 1 अप्रैल से अब तक 812 कर्मियों की मौत नॉन कोविड बताई है।


ज्ञातव्य है कि संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष द्वारा शासन एवं निर्वाचन आयोग को 1621 मृतक शिक्षको की सूची सौपी गयी जिसमें से पहले शासन द्वारा केवल 3 शिक्षकों की मौत को ही स्वीकारा जिससे व्यथित होकर एक न्यूज चैनल में इंटरव्यू के दौरान समस्त 1622 मृतक शिक्षकों के परिजनों के साथ न्याय न होने पर उन्होंने पहले सरकार को हिलाकर फिर अपनी नौकरी और पद से इस्तीफा देने तक की बात कही थी। मृतक शिक्षको के साथ न्याय हेतु यह मुद्दा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मीडिया की सुर्खियों में रहा। गत दिनों शासन द्वारा प्रदेश में लगातार तीसरी बार एस्मा लगा दिया गया। जिसके चलते दिनेश चंद्र शर्मा ने एस्मा को दृष्टिगत रखते हुए संघ के पदाधिकारियों कर वर्चुअल मीटिंग कर दिवंगत शिक्षको के साथ न्याय हेतु ट्विट्टर पर अभियान चलाने हेतु वार्ता की । संघठन के आह्वान पर शिक्षकों ने 26 मई को #JusticeFor1621MartyrTeachers हैश टैग का प्रयोग करते हुए मात्र मा0 मुख्यमंत्री योगी जी को एक घण्टे में 1.15 लाख ट्वीट किए गए।


एवं #31 मई को #StandWith1621MartyrTeachers हैश टैग का प्रयोग करते हुए शिक्षकों एवं मृतक शिक्षको के परिजनों द्वारा मुख्यमंत्री मा0 योगी आदित्यनाथ को 1.60 लाख मार्मिक ट्वीट्स किये गए थे।
ट्विटर के प्रथम अभियान में जनपद बदायूं के शिक्षकों द्वारा लगभग 11000 ट्वीट्स और द्वितीय अभियान में लगभग 20 हजार ट्वीट्स किये गए। ट्विट्टर अभियान के दौरान ही शासन स्तर से समस्त मृतकों के परिजनों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का आदेश दिया गया।
इसके साथ ही वर्तमान में बोर्ड एवं विश्वविद्यालयों के कार्यालय बंद होने के चलते
शासन द्वारा उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की मांग पर 69000 शिक्षक भर्ती के द्वितीय चरण में नियुक्त शिक्षकों का वेतन उनसे शपथ पत्र लेकर निर्गत करने का आदेश जारी किया।
संजीव शर्मा का कहना है कि शासन की मंशा 1621 दिवंगत शिक्षकों के अप्रशिक्षित मृतक आश्रितों को पूर्व की भांति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनाने की थी परंतु संघ की मांग पर मृतक शिक्षकों के आश्रितों को बाबू के पद पर नियुक्ति देने का आदेश जारी किया गया।


उन्होंने प्रदेश के साथ-साथ जिला स्तर कार्यकारिणी का आभार जताया।
15 जून को साय 6 बजे तक करना होगा मृतक शिक्षको के परिजनों को आर्थिक सहायता हेतु आवेदन
संगठन के मीडिया प्रभारी आयुष भारद्वाज ने बताया कि चुनाव के दौरान कोरोना से संक्रमित होकर चुनाव ड्यूटी से 30 दिन के अंदर शहीद हुए कार्मिको के परिजनों को 30 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जिसके लिए परिजनों को
52.172.201.183/P_Election/ElectionDutyExgratia
पर जाकर Apply for Exgratia का विकल्प चुनकर आवेदन करना होगा। आवेदन के समय मृतक के चुनाव ड्यूटी ऑर्डर की प्रति, कोविड-19 से संक्रमण का मेडिकल प्रमाण-पत्र यथा /ANTIGEN टेस्ट रिपोर्ट अथवा CT चेस्ट/ब्लड रिपोर्ट जिसमें कोविड की पुष्टि होती हो, मृत्यु प्रमाण पत्र एवं मृतक का एक फ़ोटो अपलोड करना होगा।

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