जमीनी विवाद ,दबंगों ने जेसीबी चलाकर रास्ता किया खत्म

बरेली । नवाबगंज ग्राम सत्युइया कला में दो पक्षों के बीच जमीन को लेकर 3 दिन से चल रहे विवाद में एक दबंग पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष की जमीन पर निकले हुए रास्ते को रातों-रात जेसीबी चला कर खत्म कर डाला लेकिन प्रशासन ने ऐसी घटना पर तत्काल संज्ञान न लेते हुए विवाद को बढ़ाने दिया। ऐसा लग रहा था प्रशासन किसी दबाव में दबंग पक्ष का साथ दे रहा था। पीड़ित पक्षकार जिसके घर का रास्ता रातों-रात खत्म कर दिया उस पक्ष की महिलाएं पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष व रोहिलखंड प्रांत आम आदमी पार्टी की उपाध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार के पास पहुंची व रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई तत्काल संस्था अध्यक्ष ने कागजों का मुआयना किया

हुआ मौके पर पहुंचकर स्थिति को देखा कागजों के अनुसार इस विवाद में यह रास्ता किसकी जमीन में है इस पर संबंधित लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट भी प्रशासन को प्रस्तुत कर दी थी जिसके तहत पीड़ित पक्ष के खेत में वह रास्ता था उसके बाद भी प्रथम पक्ष उसे पर अपना कब्जा करने का प्रयास कर रहा था संस्था अध्यक्ष ने ग्रामीणों से भी बात की ग्राम के प्रधान से भी बात की सारी जानकारियां जुटाने के पश्चात यह पाया कि यह रास्ता बरसों से इन्हीं के खेत में है तो विवाद की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए थी इस पर प्रशासन को इसका तत्काल निदान कर देना चाहिए था लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण वहां पर कुछ और ही नजारा था संस्था अध्यक्ष ने कहा यह रास्ता जायज है और इस पक्ष के निकलने का रास्ता है इसको उन्हें मिलना चाहिए पीड़ित पक्ष में अपने रास्ते को ठीक करके वापस उसी अवस्था में कर लिया लेकिन संस्था अध्यक्ष ने कहा यह सवाल उठता है कि अगर प्रशासन जमीन के विवाद में तत्काल संज्ञान नहीं लेगा तो ऐसे लोगों में आपराधिक भावना बढ़ती जाएगी और ऐसे विवाद में लोग एक दूसरे की जान भी लेने पर उतारू हो सकते हैं नवाबगंज में इस तरह रातों-रात किसी की जमीन पर कब्जा करने की है आश्चर्यजनक घटना है सुनीता गंगवार ने कहा इस संबंध में वह प्रशासन को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपेंगे की ऐसे कार्यों में अगर निर्णय देर से लिया जाएगा तो भयानक स्थितियां पैदा हो सकती हैं पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था रखने हेतु वहां पर भर्षक प्रयास किया फिर भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। सुनीता गंगवार ने कहा ऐसा लगता है कि जैसे की कोई कानून व्यवस्था है ही नहीं कोई भी ताकतवर कमजोर को दबा सकता है ऐसा होने पर आगे इसके गंभीर परिणाम समाज को देखने पड़ेंगे अगर ऐसी चीजों को रोक नहीं गया।