बदायूं में तीन दिवसीय 183वें उर्स ए कादरी का शानो शौकत के साथ आगाज
बदायूं। शहर के चक्कर की सड़क स्थित विश्वविख्यात दरगाह ए आलिया कादरिया पर हज़रत हुजूर शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय 183वां सालाना उर्स-ए-कादरी का आज सुबह तबर्रुकात शरीफ का जुलूस खानकाहे कादरिया से दरगाह ए कादरिया पंहुचा जहाँ उसके बाद अदबों एहतिराम व शानो शौकत के साथ तीन दिवसीय उर्स ए कादरी का आगाज। खानकाहे आलिया कादरिया के साहिबे सज्जादा काजी ए जिला हज़रत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी की सरपरस्ती एवं हजरत मौलाना फजले रसूल मोहम्मद अज्ज़ाम मियां कादरी की निगरानी में हुआ। पहले दिन बाद फजर कुरान ख्वानी महफ़िल नातो मनाकिब व तकरीर पेश की गई। महफिल का आगाज हाफिज ज़ीशान कादरी ने तिलावते कुरान मजीद से किया।

साहिबे सज्जादा काजी ए जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी ने अपने इरशादात से नवाज़ा और अकीदतमंदों के दिलों को रोशन किया। उसके बाद नाज़िमे उर्स हाफिज अब्दुल कय्यूम कादरी, हाफिज असद मुईन कादरी, अब्दुल हन्नान, अनीस पटेल, गुलाम अतीफ कादरी समेत प्रवक्ता मोहम्मद तनवीर कादरी अन्य नातखानों ने कलामों के नज़राने पेश किए। इस मौके पर शहीदे बगदाद वेलफेयर फाउंडेशन ट्रस्ट के ज़ेरे एहतिमाम दो अकीदतमंद का निकाह काजी ए जिला ने पढ़ाया और साथ ही लोगों से बिना दहेज के शादी करने आह्वान किया। कल बुधवार सुबह दरगाह ए कादरी में महफ़िल नातो मनाकिब व तकरीर होगी। ज़ुहर बाद तबर्रुकात शरीफ की जियारत कराई जाएगी। बुधवार को ही बाद नमाज़े इशा होगी बड़ी कादरी मजीदी कॉन्फ्रेंस जिसके बाद 21 नवंबर बृहस्पतिवार को बाद नमाज़े फजर कुल की फातिहा के साथ उर्स का समापन किया जायेगा। उर्स में देश दुनिया से जायरीनों का आने सिलसिला जारी है देश विदेश से आने वाले जायरीनों के लिए लगातार कड़ाके की सर्दी में खानकाह की ओर से खाने पीने व ठहरने समेत अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किये गये हैं।













































































