कांग्रेस ने पुण्यतिथि पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को याद किया

बदायूं। परशुराम चौक स्थित कांग्रेस कार्यालय पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओमकार सिंह व शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष असरार अहमद के सयुक्त नेतृत्व में भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्व प्रणब मुखर्जी के पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर मालार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की इस अवसर पर मुख्यवक्ता के रूप में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव जितेंद्र कश्यप रहे इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा प्रणब मुखर्जी ने 1999 से लेकर 2012 तक कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की अध्यक्षता की। उन्हें 1997 में उत्कृष्ट सांसद चुना गया। प्रणब दा ने 2004 से लेकर 2006 तक भारत के रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें 1995 में भारत का विदेश मंत्री नियुक्त किया गया था। उनके नेतृत्व में ही भारत को आसियान का पूर्ण वार्ता भागीदार देश बनाया गया। वे 1996 तक विदेश मंत्री रहे। उन्हें 2006 में फिर से विदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। प्रणब दा तीन बार भारत के वाणिज्य मंत्री रहे। उनका पहला कार्यकाल 1980 से लेकर 1982 तक था।

प्रणब मुखर्जी पहली बार इंदिरा गाधी सरकार में 1982 में वित्त मंत्री बने। उन्होंने 1982-83 में अपना पहला बजट पेश किया था। उनका पहला कार्यकाल वित्त स्थिति में सुधार के लिए किए गए उनके कार्यों के लिए जाना जाता है। उन्होंने ही आइएमएफ ऋण की अंतिम किस्त को सफलता पूर्वक लौटाई। प्रणब दा ने मनमोहन सिंह के भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में नियुक्ति करने वाले पत्र पर 1982 में हस्ताक्षर किए थे। 2009 में प्रणब मुखर्जी ने फिर से भारत के वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 2009, 2010 और 2011 में बजट पेश किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव जितेंद्र कश्यप ने कहा प्रणब मुखर्जी को 15 जून 2012 को यूपीए की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने 19 जुलाई 2012 को हुए चुनाव में एनडीए उम्मीदवार पीए संगमा को हराया था। राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम 22 जुलाई 2012 को घोषित किया गया था। इस अवसर पर शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष असरार अहमद ने कहा प्रणब मुखर्जी 1979 में राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता बने। इसके बाद 1980 में उन्हें सदन का नेता बनाया गया। वे प्रधानमंत्री की गैर-मौजूदगी में कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता करते थे। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष वीरेश तोमर ने कहा प्रणब मुखर्जी ने डॉ. मनमोहन सिंह सरकार में रक्षा, वित्त और विदेश मामले समेत कई हाई-प्रोफाइल मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। इस अवसर पर संचालन जिला महासचिव इख्लास हुसैन ने किया मुख्य रूप से अकील अहमद, श्याम सिंह, दिनेश गौड़, राधेश्याम, शुक्ला जी, अजय सैनी, आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे।