सहकारी समिति पर उपजिलाधिकारी का छापा

आसफपुर । साधन सहकारी समिति दून्दपुर स्थित गेंहू क्रय केंद्र पर केंद्र प्रभारी और सचिव की लगातार मनमानी से त्रस्त किसानों के सब्र का बांध मंगलवार को टूट गया। तौल करने के लिए अवैध बसूली से गुस्साए किसानों ने स्थानीय मीडिया को अपनी व्यथा से अवगत कराया तो मीडिया कर्मियों ने फोन करके उपजिलाधिकारी बिसौली को सूचना दी।

क्रय केंद्र पर अवव्यवस्थाओ और क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा अवैध बसूली की खबर पाकर एसडीएम बिसौली ने दून्दपुर स्थित गेंहू क्रय केंद्र पर छापा मार दिया। अचानक हुई छापेमारी से क्रय केंद्र पर हड़कंप मच गया और सचिव बारदाना रजिस्टर समेत तमाम अभिलेख लेकर फरार हो गया। मौके पर मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्याम सिंह से एसडीएम ने तौल संबधी अवैध बसूली के बारे में पूछा तो वो बगलें झांकने लगा। वहां मौजूद पत्रकारों ने वसूली संबधी श्याम सिंह की रिकॉर्डिंग एसडीएम साहब को सुनवाई तो वो भौचक्के रह गए। रेकॉर्डिंग में साफ सुनाई दे रहा था कि कर्मचारी श्याम सिंह किसानों से प्रति कुंतल गेंहू की खरीद पर साठ रुपये खर्चे के मांग रहा था। इस बाबत पूछताछ करने पर वो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया।

ज्ञात हो कि पिछले कई दिनों से विकास खण्ड आसफपुर के ग्राम दून्दपुर स्थित साधन सहकारी समिति के गेंहू क्रय केंद्र पर किसानों के साथ अवैध वसूली और तौल न करने की शिकायतें मिल रही थीं। यहां तैनात सचिव अनेकपाल सिंह केंद्र पर कभी कभार ही आता है और उसने यहां अपने कुछ गुर्गों को वसूली करने के लिए रख छोड़ा है। ये गुर्गे किसानों का इस कदर उत्पीड़न करते हैं कि टोकन मिलने के कई कई दिनों तक उनकी तौल नहीं कराई जाती। कभी लेबर न होने का बहाना किया जाता है कभी बारदाना न होने की बात कहकर टरका दिया जाता है जबकि गेंहू माफियाओं और बिचौलियों की गेंहू खरीद बराबर चलती रहती है। इस सबसे आज़िज आकर पत्रकारों ने जनहित के इस मुद्दे को उठाया और एसडीएम बिसौली को सूचना देकर मौके पर बुलवा लिया।

मौके पर पहुँचे एसडीएम ने कृषक रजिस्टर जब्त कर लिया और कर्मचारी श्याम सिंह एवं सचिव अनेकपाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मौके पर नदारद मिले सचिव अनेकपाल सिंह को फोन करके अभिलेख लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुँचने के आदेश दिए गए हैं। एसडीएम बिसौली का ये भी कहना है कि तौल किसी दशा में बन्द नहीं होनी चाहिए एवं किसानों से किसी तरह की कोई वसूली नही की जानी चाहिए।