प्रोफेसर का फर्जी फेसबुक एकाउंट बना कर ठगी

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साइबर क्राइम ब्रांच में आनलाइन एफआईआर दर्ज
चित्रकूट से फोन करके की अभद्रता और दी धमकी
बदायूं। शहर के डीएम रोड निवासी एक सहायक प्रोफेसर का गत दिवस
किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके फेसबुक का फर्जी एकाउंट बना कर परिचितों से रकम की मांग करनी शुरु कर दी। इसी बीच आज चित्रकूट के एक व्यक्ति ने प्रोफेसर के फोन नंबर पर काल करके रुपये वापस करने की मांग करते हुए अभद्रता की तथा धमकी दी। इस मामले की साइबर क्राइम सेल में आनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही बदायूं और चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक के ट्वीटर हैंडिल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।
शहर के डीएम रोड निवासी डा. नीरज पाराशरी रामपुर के स्वार में राजकीय डिग्री कालेज में सहायक प्रोफेसर हैं। वह इन दिनों मां का स्वास्थ्य खराब होने पर यहां घर आए हुए थे। चार मई को किसी समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका फेसबुक का फर्जी एकाउंट बनाया और परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजना और अनेक तरह की मजबूरियां बताते हुए मैसेज के माध्यम से गूगल पे व पेटीएम नंबर देते हुए रकम मांगने शुरु कर दी। देर रात जानकारी होने पर तत्काल उन्होंने अपने वास्तविक फेसबुक एकाउंट पर अपना एकाउंट हैक करने अथवा फर्जी बनाने तथा किसी को भी रुपये नहीं देने की पोस्ट वायरल की। उन्होंने सोचा अब उनके नाम से ठग उनके परिचितों को ठग नहीं सकेगा।
बुधवार की सुबह प्रोफेसर के पर्सनल फोन नंबर पर चित्रकूट की तहसील मानिकपुर से किसी रामानंद त्रिपाठी ने फोन करके कहा कि उन्होंने उनके गूगल पे पर पांच हजार रुपये ट्रांसर्फर किए हैं। यह रुपये उन्हें अभी वापस ट्रांसर्फर करें। प्रोफेसर ने कहा कि उन्होंने रात में ही फेसबुक के अपने वास्तविक एकाउंट पर मैसेज पोस्ट करके सभी को सावधान कर दिया था। फिर आपने हमसे बगैर पुष्टि किए पांच हजार रुपये क्यों ट्रांसफर किए। गूगल पे और पेटीएम एकाउंट भी उनके नाम का नहीं है, पेटीएम और गूगल पे एकाउंट रामाशंकर और राम सागर के नाम का है, दोनों पर किसी अनजान व्यक्ति के मोबाइल नंबर भी हैं। इस पर फोन करने वाले रामानंद त्रिपाठी ने अभद्रता शुरु कर दी, समझाने पर घर से उठवाने और देख लेने की धमकी दी। जिससे प्रोफेसर और उनके परिजन मानसिक तनाव में आ गए।
प्रोफेसर ने तत्काल ही साइवर क्राइम सेल में आनलाइन एफआईआर दर्ज कराई, बरेली के साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक को फोन करके घटना से अवगत कराया। साथ ही बदायूं के एसएसपी और चित्रकूट के एसपी के ट्विटर हैंडिल पर भी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन ठग अभी भी उनके परिचितों को मैसेज भेज कर रुपये की डिमांड कर रहा है, कुछ परिचित ठग के झांसे में आकर रुपये भेज भी चुके हैं।

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