यूपी में क्रिसमस मनाने पर प्रतिबंध नहीं, पहले से जारी नियमों का करना होगा पालन

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लखनऊ । कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। ऊपर से कोरोना के नए स्ट्रेन के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पूरी तरह अलर्ट हो गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ से बचाव के सभी उपाय पूरी सख्ती से किए जाने के निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस खतरे के बीच क्रिसमस के त्योहार को लेकर तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इस बार क्रिसमस का रंग फीका ही रहने वाला है। कोरोना संकट की वजह से वह रौनक नजर नहीं आएगी। हालांकि क्रिसमस के त्योहार को लेकर यूपी सरकार ने किसी अतिरिक्त प्रतिबंध का विचार नहीं किया है। पहले से जो प्रोटोकॉल जारी है, पूरी सावधानी के साथ उसका पालन करना होगा। इन गाइडलाइंस का पालन करन सख्त अनिवार्य है वरना कड़ी कार्रवाई हो सकता है। क्रिसमस डे पर 25 दिसंबर को हमेशा जश्न होता रहा है। इसके बाद नए वर्ष पर तमाम उल्लासमय आयोजन होते हैं। चूंकि धीरे-धीरे लॉकडाउन काे पूरी तरह खोल चुकी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार निर्धारित संख्या के साथ सार्वजनिक आयोजनों की भी अनुमति दे चुकी है, इसलिए माना जा रहा था कि इन आयोजनों में ज्यादा खलल नहीं पड़ेगा। इसी बीच कुछ देशों में वायरस का नया स्ट्रेन पाए जाने के बाद कुछ राज्यों में सख्ती बढ़ा दी गई है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश में भी संशय छाने लगा है।

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किसी अतिरिक्त प्रतिबंध का विचार नहीं : यूपी के मुख्य सचिव आरके तिवारी का कहना है कि फिलहाल शासन ने किसी अतिरिक्त प्रतिबंध का विचार नहीं किया है। पहले से जो प्रोटोकॉल जारी है, पूरी सावधानी के साथ उसका पालन करना होगा। ब्रिटेन से आने वालों की जांच और कोरोना नेगेटिव आने पर भी सात दिन के क्वारंटीन के आदेश जारी हो चुके हैं। उधर, माना यही जा रही है कि भले ही प्रदेश सरकार अभी कोई प्रतिबंध न लगाना चाह रही हो, लेकिन यदि केंद्र सरकार से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी हुए तो वह यहां भी लागू हो जाएंगे।

कोविड-19 को लेकर जारी किए थे ये दिशा-निर्देश : कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 30 नवंबर को योगी सरकार ने कई दिशानिर्देश जारी किए थे। शारीरिक दूरी का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए शासन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 का आवश्यकतानुसार प्रयोग करने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने कोरोना पर नियंत्रण के संदर्भ में बीती 25 नवंबर को राज्यों को दिशानिर्देश जारी किये हैं। यह निर्देश एक दिसंबर से अगले आदेश तक लागू रहेंगे।

कंटेनमेंट जोन के बाहर गतिविधियां : कंटेनमेंट जोन के बाहर किसी भी बंद स्थान में आयोजित होने वाली सभी सामाजिक, शैक्षिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक व राजनीतिक गतिविधियों के लिए हॉल या कमरे की निर्धारित क्षमता का 50 प्रतिशत लेकिन एक समय में अधिकतम 100 व्यक्ति फेस मास्क, शारीरिक दूरी, थर्मल स्क्रीनग, सैनिटाइजर व हैंडवाश की उपलब्धता की अनिवार्यता के साथ मौजूद रह सकेंगे। खुले स्थान या मैदान पर ऐसे स्थानों के क्षेत्रफल की 40 प्रतिशत से कम क्षमता तक ही व्यक्ति मौजूद रह सकेंगे।

कंटेनमेंट और सर्विलांस : कोविड-19 के लिए अति संवेदनशील और अधिक संभावना वाले क्षेत्रों में वायरस की चेन तोड़ने के लिए जिला प्रशासन को माइक्रो लेवल पर कंटेनमेंट जोन का सावधानीपूर्वक निर्धारण करने का निर्देश दिया गया है। कंटेनमेंट जोन के अंदर बेहद जरूरी गतिविधियों को मंजूरी दी जाएगी। कंटेनमेंट जोन के भीतर और बाहर चिकित्सीय आपातकालीन सुविधाओं तथा आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए सख्त मानक अपनाये जाने का निर्देश दिया गया है। इस उद्देश्य से गठित सर्विलांस टीम प्रत्येक मकान की सघन निगरानी करेगी। लोगों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरूक किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन के निर्धारित मापदंडों का कड़ाई से अनुपालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस व स्थानीय निकाय के अधिकारियों का होगा।

आवागमन पर नहीं होगी पाबंदी : मुख्य सचिव ने कहा है कि सूबे में तथा सूबे के बाहर लोगों के तथा सामान, खाद्य सामग्री के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। पड़ोसी देशों के साथ की गईं संधियों की शर्ताें के अनुरूप सीमा-पार परिवहन की अनुमति होगी। इसके लिए अलग से किसी प्रकार की अनुमति/अनुमोदन/ई-परमिट की जरूरत नहीं होगी।

घर पर रहें बुजुर्ग व बच्चे : मुख्य सचिव ने कहा कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, एक से अधिक बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियां व 10 वर्ष आयु से कम के बच्चे घर पर ही रहें और केवल स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता पर ही बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि आरोग्य-सेतु ऐप शुरुआती संक्रमण के खतरे को पहचानने और संक्रमण के विरुद्ध लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है। कार्यालयों व कार्यस्थलों पर सभी कर्मचारियों को संक्रमण से बचाव के लिए अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर लेना चाहिये। 

एसओपी का हो सख्ती से अनुपालन : मुख्य सचिव ने कहा कि समय-समय पर शासन ने विभिन्न गतिविधियों को लेकर एसओपी/निर्देश जारी किए गए हैं। जिनके तहत यात्री ट्रेनों से आवागमन, घरेलू हवाई यात्राएं, मेट्रो रेल, स्कूल, उच्च शैक्षणिक संस्थायें, होटल, रेस्टोरेंट्स, शापिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, मनोरंजन पार्क, योगा केंद्र, जिम व सभाओं में संबंधित अधिकारी पर्यवेक्षण करें और कोविड-19 की गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

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