चौकी प्रभारी-सिपाही की तलाश में लगी क्राइम ब्रांच, अब बढ़ाई जाएगी रंगदारी की धारा
कानपुर। में चकरपुर मंडी चौकी प्रभारी और सिपाही पर प्रताड़ना का आरोप लगा सुनील कुमार प्रजापति के जान देने का मामला शासन तक पहुंच गया है। डीजीपी ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से पूरे मामले की जानकारी लेने के साथ ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उधर, घटना के बाद से फरार आरोपी पुलिसकर्मियों का अभी तक सुराग नहीं लगा है। दोनों के मोबाइल लगातार बंद जा रहे हैं। वहीं पुलिस सबूत इकट्ठा करने में जुटी है। सुनील का मोबाइल फोन फोरेंसिक लैब भेजने के साथ ही जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। सचेंडी कस्बा निवासी सुनील कुमार राजपूत ने दो वीडियो बनाकर फेसबुक एकाउंट में अपलोड किए थे। इसमें उसने चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार यादव और सिपाही अजय कुमार यादव पर रुपये छीन लेने, मुफ्त में सब्जी ले जाने और मारपीट करने का आरोप लगाया था।इसके बाद सोमवार रात उसने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को युवक के मोबाइल से काफी डाटा मिला है। एक पुराने वीडियो को लेकर भी जांच की जा रही है जो जनवरी 2024 का बताया जा रहा है। इधर, एसीपी पनकी टीबी सिंह ने मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी है। सचेंडी में तैनात कुछ पुलिस कर्मियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।घटना के बाद बुधवार देर शाम करीब पांच बजे डीसीपी पश्चिम विजय ढुल, एडीसीपी पश्चिम विजयेन्द्र कुमार और एसीपी पनकी टीबी सिंह, सचेंडी इंस्पेक्टर अंडर ट्रेनी आईपीएस डॉ. अमोल मुरकुट ने सुनील के परिजनों से उनके घर में मुलाकात की। डीसीपी को देख परिजनों ने आरोपी पुलिस कर्मियों के गिरफ्तारी की मांग की।इस पर डीसीपी ने आश्वासन दिया कि दोनों की गिरफ्तारी जल्द होगी। डीसीपी ने परिजनों से कहा कि अगर उन्हें विवेचना पर जरा भी शक हो और जांच ट्रांसफर कराना चाहते हैं, तो लिखकर दे सकते हैं। इस पर परिजनों ने मना करते हुए कहा कि उन्हें यकीन है कि न्याय मिलेगा।एडिशनल सीपी हरीश चंदर ने बताया कि जो आरोप लगे हैं, उसमें वसूली का भी आरोप शामिल है। इस मामले में वसूली की धारा 386 को भी बढ़ाया जाएगा। उसके लिए इसके सबूत पहले इकट्ठा कर लिए जाएंगे।एसीपी पनकी टीबी सिंह ने फोर्स संग मंगलवार रात चकरपुर मंडी चौकी स्थित दरोगा के कमरे का ताला तोड़कर तलाशी ली। इस दौरान पुलिस को दरोगा की सर्विस रिवाल्वर व सिपाही के नाम से जारी राइफल बरामद हो गई।एडिशनल सीपी ने बताया कि मंगलवार देर रात हुए भीमसेन चौकी में बवाल की जांच एसीपी पनकी को दी गई है। प्राथमिक जांच में दोनों पक्षों द्वारा चौकी में ही मारपीट की शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस ने एक पक्ष पर शांतिभंग में कार्रवाई कर जेल भेज दिया था। वहीं पीड़ित से मारपीट मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।













































































