किड्स बचपन कान्वेंट स्कूल में मदर्स डे मा की ममता को अभिव्यक्त करने वाले कार्यक्रमों के साथ मनाया
बदायूँ। किड्स बचपन कान्वेंट स्कूल में मदर्स-डे बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें बच्चों के द्वारा अपनी माँ के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम विद्यालय में प्रस्तुत किये गये। बच्चों के जीवन में माँ का क्या महत्व होता है, उन्होंने अपनी इस बात को अभिव्यक्त करने के लिए सुन्दर-सुन्दर कार्ड बनाकर अपनी माँ को समर्पित किये। किड्स बचपन कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने माँ मेरी माँ मैं तेरा लालड़ा, उंगली पकड़ के चलना सिखाया था न व तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है गीतों पर अपने नृत्य के द्वारा कार्यक्रम में आये हुए समस्त अतिथियों व दर्शकों का मन मोह लिया। कक्षा 2 की छात्रा आरोही साहू ने अपनी माँ के प्रति अपनी भावनायें प्रकट करते हुए कहा कि माँ की ममता हर रिश्ते से ऊपर होती है। माँ अपने जिगर के टुकड़े के लिए दुनिया की हर खुशी चाहती है। एक माँ होती है जो अबोध शिशु के रोने से समझ जाती है कि उसे क्या चाहिए। कक्षा 1 की छात्रा पार्थवी सिंह द्वारा अपनी माँ के लिए कहा गया कि मेरी शरारतों को कुछ यूँ धो देती है, माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है। कभी भी मुस्कुराना बंद न करना माँ, जब आप मुस्कुराती हो तब बहुत सुन्दर लगती हो।

मदर्स – डे के कार्यक्रम में राघव सिंह, सिद्धार्थ सिंह, प्रथम सूरी, सना, अर्जुन वर्मा, आरोही साहू, आरना, आन्य देवल, अयान, अशर, श्यान, अदिति सिंह, ध्रुव आदि बच्चों द्वारा प्रतिभाग किया गया। किड्स बचपन कान्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्या नीलू शर्मा द्वारा माँ की महत्ता के बारे में बताया गया कि माँ का चरित्र सर्वोपरि होता है। वह खुद भूखी रहकर अपने बच्चों का पेट भरती है। वह कभी भी अपने लिए नहीं जीती है। वह अपना पूरा जीवन अपने बच्चों के लिए समर्पित कर देती है। इसलिए हम लोगों को हमेशा अपनी-अपनी माँ के लिए कृतज्ञ होना चाहिए। उन्हें कभी दुःख नहीं देना चाहिए। एक माँ अपने परिवार के प्रति समस्त दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने बच्चे शैक्षिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किड्स बचपन कान्वेंट स्कूल की कार्डीनेटर राजवाला पटेल द्वारा मदर्स डे पर्व पर विद्यालय आये हुए समस्त अतिथियों व दर्शकों का आभार प्रकट किया गया।













































































